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Mau Crime : यू-ट्यूब से सीखा तरीका और फिर बनाया शातिर गैंग, 14 लाख की फेक करेंसी के साथ तीन गिरफ्तार

Mau Crime : मऊ जनपद के कोपगनाज थाने की पुलिस और एसओजी और स्वाट टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इंटर स्टेट फेक करेंसी तस्करी के तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है।

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मऊ

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SAIYED FAIZ

Sep 24, 2023

Mau Crime Three criminals arrested with fake currency

Mau Crime

Mau Crime : उत्तर प्रदेश के मऊ में यूपी पुलिस ने फेक करेंसी के बड़े सिंडिकेट के तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से फेक करेंसी, ओरिजनल करेंसी के साथ ही साथ फेक करेंसी बनाने के सामान भी बरामद हुए हैं। यह कामयाबी गाजीपुर के कोपागंज थाने की पुलिस को वाहन चेकिंग के दौरान मिली है। काछीकला अंडर पास पर मुखबिर सूचना के बाद रविवार की सुबह हो रही चेकिंग में एक स्विफ्ट डिजायर कार से फेक करेंसी के साथ तीन शातिरों को पकड़ा गया है, जिनसे पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। पकडे गए शातिरों ने यू-ट्यूब से फेक करेंसी बनाने का तरीका सीखा था।

मुखबिर ने दी थी सूचना, शुरू हुई चेकिंग

इस सम्बन्ध में एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि अपराध और अपराधियों पर लगातार नकेल कसी जा रही है। इसी क्रम में मुखबिर से सूचना मिली थी कि कोपागंज थानाक्षेत्र के काछीकला अंडरपास होकर फेक करेंसी छपने और उसकी तस्करी करने वाले शातिर एक कार से गुजरने वाले हैं। यदि जल्दी की जाए तो उन्हें पकड़ा जा सकता है। इस सूचना पर काछीकला अंडर पास पर जिले की एसओजी/स्वाट/ सर्विलांस और कोपागंज थाने की पुलिस ने चेकिंग शुरू कर दी।

रोकी गयी लग्जरी कार, मिली लाखों की फेक करेंसी

इसी दौरान एक स्विफ्ट डिजायर कार आती दिखी जिसे देखकर मुखबिर ने इशारा किया तो उस उसमे बैठे लोगों की तलाशी ली गयी और नाम पता पूछा गया तो उन्होंने अपना नाम अंकुर कुमार बिन्द निवासी हाटा थाना युसुफपुर मुहम्मदाबाद जनपद गाजीपुर, सुरेंद्र सागर निवासी तकिया थाना राबर्ट्सगंज जनपद सोनभद्र और कुणाल यादव निवासी कांदर ठान सैदपुर जनपद गाजीपुर बताया जिन्हे हिरासत में लेकर कार की तलाशी ली गयी तो कार से 14 लाख 11 हजार की फेक करेंसी मिली।

नोट छापने की मशीन और एक लाख की करेंसी भी बरामद
इसके अलावा कार से एक लाख 17 हजार 400 रुपए और फेक करेंसी छापने वाली प्रीमयम क्वालिटी की प्रिंटर मशीन, तीन रिम पेपर और अन्य सामान बरामद हुआ। पूछताछ में इन तीनों ने बताया कि वो नकली नोट छाप कर असली नोट से उसे बदल लेते हैं। ये एक लाख रुपए वैसे है हम लोगों ने बनाए हैं। आज भी गोरखपुर करेंसी एक्सचेंज के लिए जा रहे थे की पकड़ लिए गए।

यूट्यूब से सीखा था नोट छापने का तरीका

एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि कड़ाई से पूछताछ में इन सभी ने बताया कि उन्मि मुलाकात सोनभद्र जेल में हुई थी। उसी दौरान तीनों में दोस्ती हुई और जमानत पर बाहर आते ही हमने यूट्यूब पर फेक करेंसी बनाने का तरीका देख के जाली नोट बनाने लगे। इसे कुणाल के माध्यम से आस पास के जिलों में खपाया जाता था।