
मऊ. सरकार स्वास्थ्य विभाग को जहां चुस्त-दुरूस्त करने का प्रयास कर रही है वहीं यूपी के मऊ के जिला अस्पताल की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। जिला चिकित्सालय में 21 डॉक्टर की संख्या है। जिसमें से 13 डॉक्टर ही इस समय मौजूद है।
बता दें कि पिछले एक माह के अन्दर दो डॉक्टर सीएच साहनी और एपी पाण्डेय ने काम के बोझ इस्तीफा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सौंप दिया है। तो वहीं जिला चिकित्सालय में तैनात अभिषेक तिवारी ने शासन को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि उनकी ड्यूटी तो इमरजेंसी के मेडिकोलिगल से हटाकर एनआरएचएम में कर दिया जाए। साथ ही अभिषेक तिवारी पिछले 15 से दिनों से बगैर किसी छुट्टी के ही जिला चिकित्सालय से नदारद हैं।
मऊ जिला चिकित्सालय इन दिनों डाक्टरों की भारी कमी है जिसकी वजह से डाक्टरों के ऊपर अधिक प्रेशर रहता है, और यह समस्या उत्पन्न हुई है। वर्तमान समय में जिला चिकित्सालय में 29 डॉक्टरो की तैनाती है । लेकिन मौजूदा समय में मात्र 16 डॉक्टर तैनात थे जिसमें से दो डॉक्टरो का इस्तीफा सामने आया तो वहीं एक डॉक्टर अभिषेक तिवारी का शासन के माध्यम सीएमएस को पत्र मिला। जिसमें इमरजेन्सी ड्यूटी से नाम कटवाकर एनआरएचम में जाने का अनुरोध किया है । जिसको देखते हुए जिला हास्पिटल में 13 डॉक्टर मौजूद हैं । जिनको वीआईपी ड्यूटी, एमरजेंसी ड्यूटी, ओपीडी, ऑपरेशन , मेडिकोलिगल ,पोस्टमार्टम की ड्यूटी करना होता है।
हॉस्पिटल में एक दिन के अन्दर 2000 से लेकर 2500 तक की ओपीडी चलती है। जिला चिकित्सालय में तैनात रेडियोलॉजिस्ट का ट्रान्सफर गोरखपुर जनपद कर दिया गया है। जिसकी वजह से हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है।