मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रशांत नागर ने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा जिले के विभिन्न ब्लॉकों से 18 धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का चयन किया गया है। परदहा ब्लॉक के कोहिनूर ग्राम सभा में स्थित मां वनदेवी धाम और महर्षि वाल्मीकि तपोस्थली को सूची में शामिल किया गया है।
Mau news: मऊ जिले के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। जिले के 18 गांव अब पर्यटन मानचित्र पर शामिल होने जा रहे हैं। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इन स्थलों पर पर्यटन विभाग की ओर से विकास कार्य कराए जाएंगे, जिससे भारत की प्राचीन संस्कृति, ग्रामीण जीवनशैली और धार्मिक धरोहरों को करीब से देखने और जानने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक से देवकली देवलास का ऐतिहासिक सूर्य मंदिर, चकजाफरी करहा का गुरादरी धाम और बरहदपुर स्थित बाबा किशन दास मंदिर चयनित किए गए हैं। रानीपुर ब्लॉक अंतर्गत अमीरहा स्थित सखनी कुटी, सोनिसा ग्राम सभा का देइया माता स्थान और काझा का रामबन कुटी सीताकुंड भी शामिल हैं।
बड़रांव ब्लॉक में पकड़ी बुजुर्ग का नाता नईन देवी मंदिर, खालिसपुर क्षेत्र का आशापुर मंदिर नौसेमर और तमसा नदी किनारे स्थित प्रसिद्ध 12 दुवरिया शिव मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं, बिलौली सोनबरसा का लक्ष्मण धाम मंदिर, जहां सावन में दो महीने का विशाल मेला लगता है, भी इस सूची में स्थान पा चुका है।
इसके अलावा रसौली ग्राम सभा का प्राचीन हनुमान मंदिर, दुबारी का वीर बाबा स्थान, तिघरा का भगवती देवी स्थान, बहादुरपुर ग्राम सभा का मासर ब्रह्मस्थान, कटघरा शंकर का शिव मंदिर, मर्यादपुर का देवी माता स्थान और पहाड़ीपुर का काली माता स्थान भी पर्यटन विकास के अंतर्गत लाए जाएंगे।
गौरतलब है कि देवकली देवलास का सूर्य मंदिर ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां गुप्तकालीन मूर्तियां पाई जाती हैं और दीपावली के छठे दिन विशाल मेला लगता है। चकजाफरी करहा स्थित गुरादरी धाम में बाबा घनश्याम दास का मंदिर है, जहां गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भव्य मेला आयोजित होता है। मंदिर के सामने स्थित सरोवर की विशेषता यह है कि यह कभी सूखता नहीं। बरहदपुर का बाबा किशन दास मंदिर भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष लोकप्रिय है, जहां जनवरी माह में प्रवचन, रासलीला और विभिन्न धार्मिक आयोजनों का आयोजन होता है।
पर्यटन स्थलों के रूप में इन स्थलों के चयन से जिले को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।