
पांचवीं तक की मान्यता लेकर आठवीं तक की कक्षाएं संचालित करवाना स्कूल मैनेजर को भारी पड़ गया। बीएसए के निरीक्षण में भारी अनियमितताओं के मद्देनजर बीएसए ने प्रबंधकों पर केस दर्ज कराने का आदेश दे दिया है,वहीं प्रबंध तंत्र को भंग करने की भी संस्तुति कर दी गई है।
बीएसए संतोष कुमार उपाध्याय ने घोसी ब्लॉक के सहायता प्राप्त विद्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में काफी अनियमितताएं निकल कर सामने आईं। सबसे पहले बीएसए ने एडम जूनियर हाई स्कूल और एडम पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया। इसमें प्रबंधक ने सहायता प्राप्त एडम गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल के अध्यापकों को अपने निजी लाभ के लिए एडम पब्लिक स्कूल में पढ़ाने की ड्यूटी लगाई थी। यहां पर न तो मेनू के अनुसार भोजन बन रहा था और न ही यहां का स्टाफ विद्यालय में उपस्थित था। इसके अलावा विद्यालय में शैक्षणिक माहौल शून्य पाया गया। प्रबंधक द्वारा मनमाना रवैया अपनाते हुए जूनियर हाईस्कूल के स्टाफ को अपने निजी काम में लगाने से नाराज बीएसए ने यहां के प्रबंध तंत्र को भंग करने की संस्तुति दे दी।इसके साथ ही एडम पब्लिक स्कूल को बंद कराते हुए एक लाख का जुर्माना भी लगाया। साथ ही उन्होंने प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज कराने के आदेश दे दिया। इसके साथ ही एडम गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल के समस्त स्टाफ का वेतन भी रोक दिया।
इसके बाद बीएसए ने बैसवाड़ा स्थित वसीयत यलूम गर्ल्स जूनियर हाई स्कूल का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण में शिक्षिका शमी खातून हस्ताक्षर बना कर गायब थीं।वहीं विद्यालय में शैक्षणिक माहौल शून्य पाया गया। साथ ही विद्यालय में बाहरी व्यक्ति भी पाया गया। बीएसए ने यहां भी प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश देते हुए समस्त स्टाफ का वेतन रोक दिया है।
Published on:
07 Nov 2024 08:01 am
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