
Mau news: मऊ के मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर द्वारा प्रातः 9:30 पर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल में ऑनलाइन पर्ची काउंटरों पर काफी संख्या में मरीजों की भीड़ देखी गई। पर्ची काटने वाले कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा ओपीडी, ट्रामा सेंटर, सिटी स्कैन, ब्लड बैंक, पैथोलॉजी, टीवी, एचआईवी, एनआरसी, डायलिसिस सहित अन्य जनरल वार्डो का निरीक्षण किया गया। ओपीडी में निरीक्षण के दौरान कई डाक्टर भी अनुपस्थित थे।
जबकि जिला अस्पताल में उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्थाएं उपलब्ध है। परंतु सभी डाक्टर व कर्मचारियों का नाम बायोमेट्रिक में पूर्ण रूप से दर्ज नहीं किया गया है, मात्र 173 डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों का नाम ही दर्ज है, जिसके कारण 123 डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों द्वारा बायोमेट्रिक पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं किए गए थे। अनुपस्थित डॉक्टर निम्नवत है डॉक्टर आर चौहान परामर्शदाता, डॉ मुकुल मौर्य एनआरटी चिकित्साधिकारी, डॉक्टर आरके गुप्ता जनरल लेप्रोस्कोपीक, डॉक्टर सौरभ त्रिपाठी नाक, कान, गला विशेषज्ञ, डॉक्टर वीरेंद्र कुमार चौधरी रेडियोलॉजिस्ट, श्रीमती मोनिका आईटीसी काउंसलर, शिवेंद्र सिंह एचआईवी फार्मासिस्ट, श्रीमती रीता सिंह काउंसलर एनआरटी सेंटर, इंद्रमणि टीवी एचआईवी, अमनदीप खरवार फिजियोथैरेपिस्ट, आर मिश्रा एलटी, लिवास राम एलटी, राकेश कुमार शर्मा काउंसलर संविदा, अनमोल कुमार सिंह डीओ संविदा, चंद्रभान संविदा, दिनेश कुमार सुपरवाइजर, मोहम्मद सलीम सफाई कर्मी, शिबू अली, श्रीमती सुधा, श्रीमती निरमा देवी, श्रीमती लालती देवी, श्रीमती विमला, श्रीमती सरिता, श्रीमती सुषमा, श्रीमती रेहाना सफाई कर्मी, सर्वेश त्रिपाठी बर्न यूनिट, निकलेस राम चतुर्थ श्रेणी, रमाशंकर स्वीपर एवं संजय यादव बर्न यूनिट अनुपस्थित पाए गए।
एनआरसी वह अन्य जनरल वार्डों में भर्ती मरीज अपनी बेडशीट बिछाए थे, मरीजों ने बताया कि डेली बेडशीट नहीं बदली जाती है, निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल के किसी भी हिस्से में साफ सफाई करते हुए कर्मचारी नहीं पाए गए। इसके साथ ही अस्पताल के पिछले हिस्से में बने भवन में भी साफ सफाई नहीं पाई गई। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा ट्रामा सेंटर के ओपीडी में 10:45 पर निरीक्षण किया गया, जिसमें डॉक्टर उपस्थित रहे। ब्लड बैंक के निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी द्वारा ब्लड संकलित करने हेतु समय-समय पर निशुल्क कैंप लगाने के निर्देश ब्लड बैंक प्रभारी डॉक्टर सरिता को दिए।
निरीक्षण के दौरान एक डिजिटल एक्सरे मशीन खराब पाई गई। इमरजेंसी वार्ड में दो डॉक्टर उपस्थित रहे। डॉक्टर अनिल कुमार व डॉक्टर अमीर अहमद वार्डो में भ्रमण ड्यूटी करते हुए पाए गए। जिला चिकित्सालय के निरीक्षण में पाया गया कि डॉक्टरों व अन्य कर्मचारी की नियमित उपस्थिति पर किसी प्रकार का नियंत्रण सीएमएस का नहीं है।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अनुपस्थित डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने तथा विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश सीएमएस को दिए। इसी क्रम में सीएमएस को कड़े निर्देश के साथ कहा कि इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों का अनुपस्थित होना शासन मंशा के विपरीत है। मरीज के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ ना करें, जनपद के कोने कोने से मरीज इस उम्मीद के साथ आते हैं कि जिला चिकित्सालय में बेहतर इलाज तथा शासन द्वारा अनुमन्य सुविधाएं निशुल्क मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की पुनरावृत्ति निरीक्षण के दौरान पुनः पाई गई तो कठोर कार्रवाई करते हुए शासन को पत्राचार का निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
12 Jul 2025 11:21 am
Published on:
12 Jul 2025 11:00 am
बड़ी खबरें
View Allमऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
