
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले सैकड़ों शिक्षकों ने मंगलवार को मऊ जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। विद्यालयों के मर्जर के खिलाफ नाराज शिक्षकों ने सरकार के इस निर्णय को वापस लेने की मांग की और सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि सरकार द्वारा 50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद करने का निर्णय न केवल शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेगा, बल्कि यह शिक्षा के अधिकार अधिनियम का भी उल्लंघन है।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जयराम यादव ने कहा कि विद्यालयों का मर्जर गरीब व मजदूर वर्ग के बच्चों को शिक्षा से वंचित कर देगा। इससे न केवल शिक्षकों के रोजगार पर संकट आएगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले वर्ग के बच्चों का भविष्य भी अंधकारमय हो जाएगा।
प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष बृजेश यादव ने कहा कि सरकार का यह कदम अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर जहां शराब के ठेके धड़ल्ले से खोले जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बच्चों के विद्यालय बंद किए जा रहे हैं। यह अभिभावकों और शिक्षकों के साथ सीधा धोखा है।
शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही मर्जर की नीति वापस नहीं ली तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Published on:
27 Jun 2025 09:24 pm
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