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पूर्वज स्मृति दिवस पर मल्ल- सैंथवार राजपूतों ने दिखाई ताकत, दुनियां भर के स्वजातीय लोग पहुंचे मधुबन

मधुबन के प्रतापी मल्ल राजा माधव मल्ल और उनके सुपुत्र राजा नथ मल्ल व फतह बहादुर मल्ल की स्मृति में पितृ पक्ष में पूर्वज स्मृति दिवस व श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जाता है।

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मऊ

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Abhishek Singh

Sep 29, 2024

Mau News: पितृ पक्ष में लोग पूर्वजों को याद करते हैं और पिंडदान करने की परम्परा देश व्यापी है । मधुबन के प्रतापी मल्ल राजा माधव मल्ल और उनके सुपुत्र राजा नथ मल्ल व फतह बहादुर मल्ल की स्मृति में पितृ पक्ष में पूर्वज स्मृति दिवस व श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जाता है। यह कार्यक्रम प्राचीन काल से ही अपनी अनूठी पहचान रखता है । हर साल इस कार्यक्रम इस साल मधुबन थाने से दक्षिण में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में राष्ट्रीय सैंथवार मल्ल स्वाभिमान मोर्चा के तत्वावधान में मनाया गया । इस कार्यक्रम में दुनिया भर के मल्ल वंश के लोग उपस्थित हुए । इस कार्यक्रम की लोकप्रियता हर साल उत्तरोत्तर बढ़ती जा रही है ।मल्ल सैंथवार स्वाभिमान मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता इंजीनियर मनोज सिंह ने की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जो भी जातियां अपने इतिहास को अपने आने वाले पीढ़ी तक नहीं पहुंचा पाती वो नेपथ्य में चली जाती हैं । इस मल्ल सैंथवार समागम में उपस्थित लोग समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी को लेकर कार्य करें तो इतिहास हमारा था और आने वाला कल हमारा होगा ।

इस आयोजन पर मल्ल राजपूत समाज से ताल्लुक रखने वाले देश के जाने माने मीडिया और कैंपेन स्ट्रैटेजिस्ट व घोसी नव निर्माण मंच के संस्थापक बद्री नाथ से हमारे दिल्ली संवाददाता ने बात की । उन्होंने बताया कि मल्ल साम्राज्य का प्राचीन काल में बड़ा ही गौरवशाली इतिहास रहा है। ऐसे समागम सदियों से हर जातियों के द्वारा किए जाते रहे हैं लेकिन मल्ल और सैंथवार समाज के लोगों की सक्रियता से यह समागम अब महा समागम का रूप ले चुका है । आपको बता दें कि मल्ल योद्धा देश और मातृभूमि की सुरक्षा व सशक्तिकरण में सदैव अतुल्य बलिदान देते रहे हैं ।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में बिपिन मल्ल "राजा बाबू", बृजेश मल्ल, मनोज मल्ल -पाली टेंट, प्रमोद मल्ल- कठघरा, एडवोकेट राघवेंद्र मल्ल, नरेंद्र मल्ल निराला, मानवेंद्र मल्ल, सत्येंद्र मल्ल, रणजीत मल्ल अहिरौली, रणजीत मल्ल लालनपुर, माहेश्वरी मल्ल, एडवोकेट रवि प्रकाश मल्ल, गणेश मल्ल -उसुरी,विनोद मल्ल बहरामपुर आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।