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युवाओं के स्वास्थ्य को लेकर कार्यशाला का हुआ आयोजन, सीएमओ ने दिया यह निर्देश

कार्यशाला की शुरुआत पीएसआई इंडिया के केवल सिंह सिसोदिया ने की और उन्होंने बताया कि किशोर आयु वर्ग 10 से 19 वर्ष के आयु वर्ग को कहा जाता है। जो की हमारी आबादी का लगभग 22% हिस्सा है। इस आयु वर्ग के लोग बगैर किसी जानकारी व देखभाल के अभाव में अपने जीवन के सबसे संवेदनशील व गंभीर दौर से गुजरते हैं और यह एक ऐसा वर्ग है जिसे हम सभी मिलकर सही दिशा देकर उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति बदल सकते हैं।

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मऊ

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Abhishek Singh

Dec 01, 2023

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Workshop organized on health of youth,

Mau News: किशोर एवं किशोरियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सीएमओ के सभागार में पीएसआई इंडिया के तत्वाधान में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नंदकुमार ने की।

सीएमओ ने बताया कि किशोर और किशोरी हमारे समाज का महत्वपूर्ण अंग है अगर यही अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर उलझे रहेंगे तो आने वाले भविष्य का निर्माण अपरिपक़्व होगा इसलिए हमें स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले किशोर किशोरियों के मनोभाव को समझना होगा और उनकी स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण करना होगा।

उन्होंने अपने सभी स्टाफ को निर्देशित भी किया कि अर्बन स्वास्थ केन्द्रो में हर माह की 8 तारीख को किशोर किशोरी दिवस मनाया जारहा है। उसमे आने वाले सभी किशोर और किशोरीयो को बेहतर सुविधा प्रदान करने में अपना पूरा सहयोग प्रदान करे।

कुपोषण को लेकर दी जानकारी

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वकील अली ने कहा की किशोर - किशोरियों के स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ योन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, शारीरिक परिवर्तन संबंधी जानकारी, कुपोषण से कैसे निपटा जाए, एनीमिया, साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड , हिंसा मुक्त जीवन और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बहुत ही विस्तृत चर्चा की।

अरविन्द कुमार वर्मा – डी०इ०आई०सी० मेनेजर ने कार्यशाला में बताया की 10 से 19 वर्ष के किशोर किशोरियों में शारीरिक मानसिक के साथ सामाजिक बदलाव होते हैं जिसे ना घबराते हुए पौष्टि व संतुलित भोजन लेने पर जोर दिया ,साथ ही किशोरावस्था में मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ अवसाद, गर्भधारण, गर्भनिरोधक साधन, गर्भपात, जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की ।

सहायक शोध अधिकारी सुनील सिंह ने बताया कि किशोर किशोरियों में तंबाकू और धूम्रपान का सेवन बहुत तेजी से बढ़ रहा है जो इस वर्ग में कई तरह की समस्याओं को जन्म दे रहा है तो हम सबका फर्ज है की हमारे स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले किशोर किशोरियों को इसके दुष्परिणामो के बारे में जरूर जानकारी दें एवं उन्हें सही मार्गदर्शन देने में अपना अहम रोल अदा करें।

कार्यशाला की शुरुआत पीएसआई इंडिया के केवल सिंह सिसोदिया ने की और उन्होंने बताया कि किशोर आयु वर्ग 10 से 19 वर्ष के आयु वर्ग को कहा जाता है। जो की हमारी आबादी का लगभग 22% हिस्सा है। इस आयु वर्ग के लोग बगैर किसी जानकारी व देखभाल के अभाव में अपने जीवन के सबसे संवेदनशील व गंभीर दौर से गुजरते हैं और यह एक ऐसा वर्ग है जिसे हम सभी मिलकर सही दिशा देकर उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति बदल सकते हैं।
किशोरों को इस आयु वर्ग में तेजी से होने वाले शारीरिक व मानसिक विकास के कारण अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है और हम सब इस आयु वर्ग को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखने तथा उनका सही मार्गदर्शन करना हमारे लिए न केवल चुनौती है अपितु एक महत्वपूर्ण उतरदायित्व भी है ।