
हाईस्कूल छात्र ने मांगी 2 लाख की फिरौती Source- Social Media
Meerut Crime News: जल्द ही स्कूलों में 10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्जाम शुरू होने वाले हैं। छात्र अपनी तैयारियों में लगे हैं, इस समय स्कूलों में प्री-बोर्ड परीक्षा का आयोजन भी हो रहा है। अक्सर परीक्षा के डर के कारण छात्र गलत कदम भी उठा लेते हैं। मेरठ से आया यह मामला ऐसे ही डर की कहानी है। यहां प्री-बोर्ड परीक्षा से बचने के लिए हाईस्कूल के छात्र ने अपने ही अपहरण की झूठी कहानी बना डाली। छात्र ने अपने मोबाइल फोन से बहन के मोबाइल पर मैसेज भेजकर दो लाख रुपये की फिरौती मांगी। मामला सामने आते ही परिवार में हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से कुछ ही घंटों में छात्र को सुरक्षित बरामद कर लिया।
मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र के शिवपुरम निवासी एक व्यक्ति का बेटा हाईस्कूल में पढ़ता है और उसके प्री-बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। मंगलवार को उसका एक जरूरी पेपर था। सोमवार शाम करीब चार बजे छात्र ने अपने पिता से किताबें लाने के लिए 150 रुपये लिए और बाजार जाने की बात कहकर घर से निकल गया। लेकिन देर शाम तक वह घर नहीं लौटा। जब परिजनों ने उसके मोबाइल पर कॉल किया तो फोन बंद मिला। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई और वे उसे ढूंढने लगे।
रात करीब आठ बजे छात्र की बहन के मोबाइल फोन पर उसके ही नंबर से एक मैसेज आया। मैसेज में लिखा था कि छात्र का अपहरण कर लिया गया है और उसे छोड़ने के लिए दो लाख रुपये की फिरौती चाहिए। यह मैसेज पढ़ते ही परिवार घबरा गया। परिजनों ने बिना देर किए पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से छात्र के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन मवाना क्षेत्र के फलावदा रोड की मिली। इसके बाद पुलिस की टीम वहां पहुंची, जहां छात्र अपने मौसा के घर पर सुरक्षित मिला। करीब 1 घंटे के भीतर ही पुलिस ने छात्र को खोज निकाला, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान छात्र ने सारा सच कबूल कर लिया। उसने बताया कि मंगलवार को होने वाले प्री-बोर्ड पेपर के डर से उसने यह नाटक रचा था। छात्र सीधे घर से मवाना में अपनी मौसी के घर चला गया था। उसने मोबाइल फोन को फ्लाइट मोड पर डाल दिया था। वहीं से उसने बहन को फिरौती वाला मैसेज भेजा और फिर मोबाइल दोबारा फ्लाइट मोड पर कर दिया। लेकिन मैसेज भेजते समय मोबाइल फ्लाइट मोड से हटाया गया, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस हो गई और पुलिस तक पहुंच गई।
बच्चे को पुलिस ने परिवार को सौंप दिया है। परिवार के लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि वो इस पूरी घटना को लेकर कैसी प्रतिक्रिया दें। पुलिस ने छात्र को समझाइश दी और परिजनों को भी बच्चों से खुलकर बात करने की सलाह दी, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
Published on:
06 Jan 2026 08:43 am
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