
Saba Farhat (Photo Source - X)
मेरठ में पाकिस्तानी नागरिक सबा की गिरफ्तारी का मामला अब उलझ गया है। इस केस में एक ऐसा चौंकाने वाला मोड़ आया है जिसने पुलिस की जांच पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। सबा के वकील ने दावा किया है कि जिस वोटर कार्ड को आधार बनाकर पुलिस ने उसे जेल भेजा वह असल में किसी और महिला का है।
सबा के अधिवक्ता वीके शर्मा ने मीडिया के सामने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस जिस 'नाजिया' के वोटर कार्ड को फर्जी बता रही है वह सठला गांव की रहने वाली एक संभ्रांत महिला का असली कार्ड है। इस महिला के पति पेशे से प्रोफेसर हैं। जबकि सबा के पति एक बैंड कारोबारी हैं। वकील का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी जांच-पड़ताल और फिजिकल वेरिफिकेशन के जल्दबाजी में सबा को गिरफ्तार कर लिया।
अधिवक्ता ने नाजिया का असली वोटर कार्ड दिखाते हुए कहा कि इसका ईपीआईसी (EPIC) नंबर TXL0674044 है। यही वह नंबर है जिसे पुलिस ने अपनी शिकायत में सबा का फर्जी कार्ड बताया था। अब वकील का कहना है कि जब यह कार्ड सठला की नाजिया का है तो इसके आधार पर सबा को जेल भेजना पूरी तरह गलत और कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब रुकसाना खान नाम की महिला ने शिकायत की थी। आरोप लगा था कि जली कोठी में रहने वाली सबा एक पाकिस्तानी नागरिक है और वह 33 साल से अवैध रूप से मेरठ में रह रही है। शिकायत में कहा गया था कि सबा ने फर्जी तरीके से भारतीय दस्तावेज बनवाए हैं। इसी आधार पर 16 फरवरी को देहली गेट थाने में केस दर्ज हुआ और 17 फरवरी को सबा को जेल भेज दिया गया।
अधिवक्ता वीके शर्मा अब इस गलत गिरफ्तारी और मानसिक उत्पीड़न के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस कार्ड का जिक्र किया जा रहा है उस पर सठला निवासी महिला नाजिया की फोटो है। सबा का उससे कोई लेना-देना नहीं है।
Updated on:
06 Mar 2026 03:31 pm
Published on:
06 Mar 2026 03:14 pm
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