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Meerut News: 2 साल में 40 लोगों ने किया देहदान, 12 मृतकों की देह मेडिकल को प्राप्त

यूपी के मेरठ जिले में पिछले दो साल में 40 लोग अपना देहदान कर चुके हैं। देहदान करने वालों में से करीब 12 लोगों की देह मेरठ मेडिकल कालेज को प्राप्त हो चुकी है।

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मेरठ

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Kamta Tripathi

May 01, 2023

Meerut News: 2 साल में 40 लोगों ने किया देहदान, 12 मृतकों की देह मेडिकल को प्राप्त

एलएलआरएम मेडिकल कालेज में देहदान के प्रति जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते प्राचार्य डा. आरसी गुप्ता।

लोगों को देहदान के लिए लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज में जागरूकता कार्यक्रम चल रहा है। इसी जागरूकता कार्यक्रम का नतीजा है कि अब तक दो साल में करीब 40 लोग देहदान कर चुके हैं।

मेडिकल कालेज के मीडिया प्रभारी डा. वीडी पाण्डेय ने बताया कि महृषि दधीचि सेवा समिति मेरठ द्वारा लाला लाजपतराय स्मारक मेडिकल कॉलेज मेरठ में निम्न विषयों- देह दान, अंग दान, नेत्र दान, त्वचा एवम हड्डी दान पर मेडिकल में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जिसमें लोगों को देहदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी जागरूकता का नतीजा है कि लोग देहदान के लिए आगे आ रहे हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत विकास परिषद के चेयरमैन डॉ. राकेश अग्रवाल ने की। कार्यक्रम का संचालन डा. प्रीति सिन्हा तथा डा. विदित दीक्षित ने किया।

डॉ. आलोक शर्मा और राकेश अग्रवाल ने देह दान, अंग दान के विषय में विस्तार से बताया। डॉ. अनलजीत सिंह सचिव उडारी फाउंडेशन ने भी देह दान के बारे में जानकारी दी।

मेडिकल कालेज के शरीर रचना विभाग की आचार्य विभागाध्यक्ष डा. प्रीति सिन्हा ने एमबीबीएस तथा एमडी के सभी छात्र छात्राओं को भविष्य में देह दान के लिए जागरूक करने के लिए कहा।

प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने कहा कि सभी चिकित्सकों, सभी छात्र, छात्राओं को देह दान और अंग दान के विषय में जागरूक होना चाहिए।

मानव अंग जैसे कि किडनी, लीवर, हृदय आदि व्यक्ति के ब्रेन डेड होने पर दान दिया जा सकता है। लेकिन नेत्रदान मृत्यु के पश्चात गर्मी के मौसम में 4 घंटे तथा सर्दी में 6 घंटे के भीतर दान करनी चाहिए।

देहदान एक महादान है। देहदान मरने के बाद किया जाता है। जिस व्यक्ति ने जीवित रहते देहदान का संकल्प लिया हो उसके तीमारदारों की जिम्मेदारी होती है मेडिकल कालेज को सूचित कर देह दान की प्रक्रिया को पूरा करना।

अंगदान और देहदान पुनीत कार्य
भारत में मान्य सभी सात धर्म के पवित्र धर्म ग्रंथों में उल्लेखित है कि अंगदान तथा देह दान एक पवित्र और पुनीत कार्य है। लेकिन सामाजिक रूढ़ीवादिता के कारण हम अंग दान एवम देह दान नहीं करते हैं।

उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय शिक्षण एवम प्रशिक्षण के लिए समाज के लिए कौशल युक्त प्रशिक्षित चिकित्सक रूपी मानव संपदा के निर्माण के लिए निर्भीक एवम निडर हो कर अंग दान एवम देह दान करें।

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डॉ. आरसी गुप्ता ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु डा. प्रीति सिन्हा, डॉ. विदित दीक्षित तथा समस्त शरीर रचना विभाग को बधाई दी।


इस अवसर पर डॉ. मोनिका शर्मा, डॉ. राजकुमार गोयल, डा. वीडी पाण्डेय, डॉ. प्रेम प्रकाश मिश्रा, डॉ केतु चौहान, डॉ. कपिल, डा. शिखा, डा. निर्मल सिंह के अलावा एमबीबीएस के छात्र और शरीर रचना विभाग के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।