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जहरीली शराब बनाने के लिए पंजाब की डिस्टलरी से UP में लाया गया 60 हजार लीटर केमिकल जब्त, सात गिरफ्तार

Poisonous Liquor Case : मेरठ पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर टैंकर समेत सात को किया गिरफ्तार, 60 हजार लीटर ईएनए केमिकल और भारी मात्रा में रेपर, बोलत बरामद

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मेरठ

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lokesh verma

Jun 06, 2021

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. Poisonous Liquor Case : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब माफियाओं के तार पंजाब तक फैले हुए हैं। ये शराब माफिया पंजाब के पठानकोट और गुरदासपुर की डिस्टलरी से सप्लाई होने वाले केमिकल ईएनए से नकली और जहरीली शराब बनाने का काम करते हैं। मेरठ पुलिस और स्वाट टीम ने अभियान चलाकर ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो कि पंजाब से ट्रैकरों में ईएनए लाकर हाईवे स्थित होटल और ढाबों में उतारकर शराब माफियाओं को सप्लाई करता था। पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि जिले में हाईवे स्थित कुछ ढाबों पर ईएनए के भरे हुए टैंकरों में से चोरी कर ईएनए निकाला जाता है और उसको अपमिश्रित करके नकली शराब बनाई जाती है। इसके बाद नकली शराब को ऊंचे दामों पर ढाबों, होटलों एवं अन्य स्थानों पर बेचा जाता है। इस सूचना के बाद स्वाट मेरठ और थाना कंकरखेड़ा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। गठित टीम को सूचना मिली कि पंजाब से आए ईएनए से भरे हुए टैंकर अपने गंतव्य पर नहीं पहुंचे हैं। उन्हें ड्राइवरों ने कहीं छिपा दिया। संयुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई की तो उक्त दोनों टैंकर सरधना रोड पर बैंक कॉलोनी में सुनसान स्थान पर खड़े मिले। टैंकरों में से कुछ व्यक्ति ईएनए चोरी से निकालकर नकली शराब तैयार कर रहे थे। पुलिस ने मौके पर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, वहीं तीन मौके से भाग गए।

इस तरह मिलीभगत से होता है खेल

पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों ने बताया कि ईएनए के टैंकरों से चोरी कर ईएनए निकाल लेते हैं और उसको डिमांड के अनुसार जगह-जगह सप्लाई करते हैं। इसमें मिलावट करके नकली शराब बना लेते हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने इस अवैध काम करने वाले अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि टैंकर चालक पंजाब डिस्टलरी के कर्मचारियों की मिलीभगत से अधिक मात्रा में टैंकर में ईएनए भरकर लाते थे। इतना ही नहीं डिस्टलरी कर्मचारी ऐसे टैंकरों पर सील नहीं लगाते हैं, बल्कि सील टैंकर चालक को दे देते हैं। इसके बाद टैंकर चालक बड़ी आसानी से ईएनए होटल और ढाबों पर बेच देते हैं और उसके बाद सील लगा देते हैं।

आरोपियों की काफी बड़ी चेन

एसएसपी मेरठ अजय साहनी ने बताया कि इन लोगों की काफी लंबी चेन है। इनकी संख्या 50 तक भी पहुंच सकती है, क्योकि इसमें हाइवे के किनारे ढाबे वालों से लेकर पंजाब में डिस्टलरी के कर्मचारी और कुछ सफेदपोश लोग तक शामिल हैं। पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों से 60 हजार लीटर ईएनए बरामद किया है। इनके कब्जे से दो टैंकरों में 7 कैन 50 लीटर वाली, 7 कैन 40 लीटर वाली, 850 पॉलीथिन भरी हुई, 21 बोतल 2 लीटर वाली ईएनए भरी हुई, 600 रैपर और 15 किलो यूरिया अपमिश्रण बरामद किया है।

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