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यूपी का ऐसा गांव जहां घुसने से हिचकती है खाकी भी

गोकशों का गढ़ बना मेरठ का गांव रूहासा गांव के दर्जनों गोकशों की तलाश में पुलिस खाकी पर हमले के बाद अधिकारियों ने बनाई रणनीति

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मेरठ

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shivmani tyagi

Jan 19, 2021

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पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
मेरठ ( meerut news ) जिले के दौराला थाना क्षेत्र का गांव रूहासा एक ऐसा गांव हैं जहां जाने से खाकी सोमवार को भी हिचक होती हैं, कारण भी है दरअसल यह खाकी पर कई बार हमले हो चुके हैं। सोमवार को भी दबिश के दौरान पुलिस टीम पर इस गांव हमला हुआ था। रूहासा गांव पूरे वेस्ट यूपी में गोकशी के लिए कुख्यात है। गांव के कई गोकशों के नाम थाने में दर्ज हैं जिनको जनपद की पुलिस तलाश रही है।लेकिन ये आजतक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके।


ताे क्यों कामयाब नहीं हो पति पुलिस
थाना पुलिस की टीम पर रूहासा गांव में गोतस्कर के परिजनों द्वारा हमले की घटना ने पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगा दिए हैं। माना जा रहा है कि पुलिस का होमवर्क पूरा नहीं था और यही कारण रहा कि पुलिस शातिर गोस्तर को पकड़ने के लिए बिना तैयारी ही दबिश देने पहुंच गईं । ऐसा तब हुआ जब दारोगाओं को आरोपित के परिजनों द्वारा पूर्व में भी पुलिस टीम पर किए गए हमले की जानकारी थी।

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दौराला थाने में रूहासा गांव निवासी गोतस्कर मुव्वसिर पुत्र बुंदू के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच 2013 बैच के दारोगा व थाने के एसएसआइ महेंद्र सिंह कर रहे थे। ये दौराला थाने में करीब डेढ़ वर्ष से तैनात हैं। वहीं थाने की दादरी चैकी क्षेत्र में रूहासा गांव आता है। दादरी चैकी इंचार्ज सुखवीर सिंह 2015 बैच के दारोगा हैं, जो करीब एक माह पहले ही चैकी पर तैनात हुए हैं। मुवस्सिर गोतस्करी के केस में वांछित चल रहा था। दबिश के लिए गई टीम में दो दारोगा थे जबकि तीन पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे। दोनों दारोगा अपने मुखबिरों से कोई जानकारी नहीं जुटा सके। साथ ही ठीक तरह से कोई घेराबंदी तक नहीं कर पाए। एसपी सिटी ने बताया कि हमले के आरोपी छोड़े नहीं जाएंगे। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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