
मेरठ। वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर हड़ताल पर चल रहे वकीलों ने पांचवें दिन टोल प्लाजा पर धरना दिया। इस दौरान वकीलों ने करीब दो घंटे टोल फ्री करा दिया। दोपहर करीब 12 बजे एनएच-58 स्थित सिवाया टोल प्लाजा पर प्रदर्शनकारी वकीलों का दल पहुंचा। मेरठ से तीन बसों और करीब 50 निजी वाहनों से टोल प्लाजा पर करीब 300 से 400 की संख्या में वकील सिवाया टोल प्लाजा पर पहुंचे। वकीलों की भीड़ को देखते ही सिवाया टोल पर काम कर रहे टोल कर्मी अपने केबिन छोड़कर भाग खड़े हुए।
टोल प्लाजा पर सभा
केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन रोहिताश्व कुमार अग्रवाल व महामंत्री प्रबोध कुमार शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे वकीलों ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टोल प्लाजा को फ्री कराया आैर एक सभा का आयोजन किया गया। इसमें आने जाने वाली जनता को वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की आवश्यक्तता के बारे में बताया गया।
केंद्र-प्रदेश सरकार का सौतेला व्यवहार
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व अध्यक्ष चौधरी नरेन्द्र पाल सिंह, गजेन्द्र धामा ने कहा कि प्रदेश और केंद्र की सरकार वेस्ट यूपी के साथ हमेशा से सौतेला व्यवहार करती रही है। प्रदेश को सर्वाधिक राजस्व यहां की जनता देती है। सरकार द्वारा कोई सुविधा न देने के बाद भी यहां की जनता और यहां के व्यापारियों ने खुद रोजगार के सर्वाधिक साधन उपलब्ध किए हैं, लेकिन इसके बाद भी पश्चिम की जनता के साथ सरकारें धोखा करती आई हैं। यहां की जनता को न्याय पाने के लिए आज 700 किलोमीटर दूर इलाहाबाद जाना पड़ता है, जबकि महाराष्ट्र में तीन-तीन हाईकोर्ट बेंच सरकार ने दी है।
बैंच देने में देरी नहीं करें
उन्होंने कहा कि पहले सरकारें कहती थी कि केंद्र में दूसरी सरकार है और राज्य में दूसरी। दोनों सरकारें एक दूसरे पर असहयोग का आरोप लगाती थी, लेकिन अब तो भाजपा की सरकार केंद्र और प्रदेश में है। फिर हाईकोर्ट की बेंच देने में इतनी देरी क्यों। सभास्थल पर मौजूद अधिवक्तागण का उत्साहवर्धन करने एवं बेंच की मांग को समर्थन देने में स्थानीय निवासियों का भी सहयोग रहा। इस दौरान करीब तीन घंटे वकीलों ने सिवाया टोल प्लाजा फ्री कराए रखा।
Published on:
23 Feb 2018 06:18 pm
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