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मेरठ। पश्चिम उप्र में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। अपनी मांग को संसद भवन तक पहुंचाने और केंद्र सरकार को जगाने के लिए शुक्रवार को पश्चिम उप्र के 22 जिलों का अधिवक्ता दिल्ली संसद भवन के लिए रवाना हो गया। अधिवक्ता दिल्ली में संसद भवन का घेराव करेंगे और अपनी मांग के समर्थन में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगे। मेरठ से करीब 25 बसों में अधिवक्ता दिल्ली के लिए रवाना हुए।
हार्इकोर्ट बेंच के लिए गंभीर नहीं भाजपा सरकार
इस दौरान अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर नारे लगाए और भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। अधिवक्ता देवकी नंदन शर्मा ने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार पश्चिम में हाईकोर्ट बेंच की मांग के प्रति गंभीर नहीं है। पहले सरकारों के पास बहाना हुआ करता था और वे एक-दूसरे पर मामले को टाल देते थे, लेकिन अब तो केंद्र और प्रदेश दोनों ही जगह पर भाजपा की सरकार है। फिर देरी किस बात की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की मंशा साफ नहीं है। सरकार नहीं चाहती कि पश्चिम में हाईकोर्ट की बैंच स्थापित हो और यहां के लोगों को न्याय सुलभ उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है, जबकि आंदोलन को तेज किया जाए।
अधिवक्ता चुनाव में भाजपा का बहिष्कार करेंगे
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अगर चुनाव से पहले हाईकोर्ट बेंच की मांग पूरी नहीं की तो अधिवक्ता और उनका परिवार चुनाव में भाजपा का बहिष्कार करेगा। अधिवक्ता प्रबोध कुमार शर्मा ने कहा कि पश्चिम में करीब 40 साल से हाईकोर्ट बेंच की मांग की जा रही है। लेकिन सरकारें नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा कि संसद का घेराव कर 22 जिलों के अधिवक्ता अपनी मांग पूरी करने का दबाव केंद्र सरकार पर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अब बेंच कहां बने, सवाल यह नहीं है। सवाल है कि आखिर बेंच देने में इतनी देरी क्यों हो रही है। सरकार को इसका जवाब देना ही होगा।
Published on:
14 Dec 2018 02:38 pm
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