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लोकगायिका मालिनी अवस्थी बनीं प्रोफेसर, अब छात्रों को सिखाएंगी सुरों का जादू, CCS यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला

मालिनी अवस्थी को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस नियुक्त किया गया है।विश्वविद्यालय की बैठक में 59 शोधार्थियों को पीएचडी देने की मंजूरी भी मिली।

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मेरठ

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Anuj Singh

Mar 20, 2026

लोक गायिका मालिनी अवस्थी अब प्रोफेसर!

लोक गायिका मालिनी अवस्थी अब प्रोफेसर!

Folk Singer Malini Awasthi News: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCS) में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में कार्य परिषद की महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक कमेटी हॉल में आयोजित की गई। बैठक में शैक्षणिक और प्रशासनिक कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और कई बड़े फैसले लिए गए।

59 शोधार्थियों को पीएचडी की मंजूरी

बैठक की शुरुआत में 8 जनवरी को हुई पिछली कार्य परिषद बैठक के मिनट्स (कार्यवृत्त) की पुष्टि की गई। साथ ही 18 मार्च को हुई विद्वत परिषद के फैसलों को भी मंजूरी दी गई। इन फैसलों से विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को और मजबूती मिलेगी। कार्य परिषद ने 59 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि देने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। यह फैसला विश्वविद्यालय में अनुसंधान और उच्च शिक्षा को नई ऊर्जा देने वाला है। इससे कई छात्रों को डॉक्टरेट की डिग्री मिलेगी और रिसर्च का स्तर ऊंचा उठेगा।

मालिनी अवस्थी और शैलेंद्र जायसवाल बने प्रोफेसर

पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी और शैलेंद्र जायसवाल को एक साल के लिए प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के पद पर नियुक्त करने की मंजूरी दी गई। यह कदम लोक कला, लोक संगीत और व्यावहारिक शिक्षा को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में मजबूती से जोड़ने के लिए उठाया गया है। छात्रों को अब असली अनुभव के साथ पढ़ाई मिलेगी।

  • बैठक में मौजूद प्रमुख सदस्य

बैठक में कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, परीक्षा नियंत्रक वीरेंद्र कुमार मौर्य, डिप्टी रजिस्ट्रार सत्य प्रकाश, प्रो. अनिल मलिक, प्रो. विजय जायसवाल, प्रो. अजय विजय कौर, डॉ. यशवेंद्र वर्मा, डॉ. प्रमोद कुमार, इरशाद मोहम्मद खान और प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता सहित कई अन्य सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। इसमें बीए-बीएड और बीएससी-बीएड शामिल हैं। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) से इन पाठ्यक्रमों के लिए मान्यता मिल चुकी है। यह कार्यक्रम माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के लिए बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों को तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में यह पहल शुरू हो रही है।

प्रवेश और पाठ्यक्रम की जानकारी

इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के आधार पर होगा। 2026 में 12वीं की परीक्षा देने वाले या उत्तीर्ण छात्र निर्धारित योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकेंगे। पाठ्यक्रम में विषय की गहन जानकारी के साथ शिक्षण कौशल, स्कूल इंटर्नशिप, शैक्षिक तकनीक और शोध आधारित ट्रेनिंग दी जाएगी। चार साल पूरे करने पर छात्रों को स्नातक डिग्री के साथ बीएड की डिग्री मिलेगी। प्रवेश प्रक्रिया यूजीसी और राज्य सरकार के नियमों के अनुसार चलेगी। काउंसलिंग में आरक्षण नीति और मेरिट के आधार पर सीटें आवंटित की जाएंगी।