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Ayodhya Verdict: फैसला आने के बाद सड़कों पर फोर्स के साथ उतरे एडीजी और कमिश्नर, देखें वीडियो

Highlights मेरठ और आसपास के जनपदों में बढ़ा दी गई सतर्कता राम मंदिर आंदोलन के दौरान भी सक्रिय रहा था मेरठ सोशल मीडिया पर रखी जा रही है व्यापक निगरानी  

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मेरठ। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने के बाद पुलिस ने मेरठ में सुरक्षा पुख्ता कर दी है। शनिवार को एडीजी प्रशांत कुमार और कमिश्नर अनिता सी मेश्राम सड़क पर उतर आए। दोनों आलाधिकारियों के नेतृत्व में सड़कों पर फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान जिले की सड़कों पर सैकड़ों पुलिसकर्मी फ्लैग मार्च में दिखे। इन दोनों अधिकारियों के साथ और भी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी रहे।

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अयोध्या पर फैसले के बाद मेरठ में पुलिस ने मुस्तैदी बढ़ा दी है। साथ ही अफवाहों और गलत जानकारियों को फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी व्यापक स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। राम मंदिर आंदोलन के दौरान भी मेरठ बेहद सक्रिय रहा था और यह शहर इस मामले में संवेदनशील माना जाता है।

खुफिया सूत्रों से मिले इनपुट के आधार पर अयोध्या पर फैसला आने से पहले नेपाल की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के इलाके में 7 आतंकवादियों के दाखिल होने की खुफिया जानकारी के बाद में प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। अयोध्या जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बहुप्रतीक्षित फैसला आने से कुछ दिन पहले प्रदेश में सात आतंकवादियों की घुसपैठ की जानकारी मिली थी। इस खुफिया जानकारी ने पुलिस-प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया था। जिसके चलते मेरठ में अतिरिक्त सतर्कता बढ़ा दी गई।

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सूत्रों का यह भी कहना है कि ये आतंकी प्रदेश में कहीं भी किसी भी जिले में वारदात को अंजाम दे सकते हैं। इस खुफिया सूचना के बाद पुलिस ने होटल, धर्मशाला, बस अड्डे और रेलवे स्टेशनों पर कड़ी चौकसी कर दी थी। इसके साथ ही सोशल मीडिया तथा शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके लिए सोशल मीडिया पर निगरानी की मॉनिटरिंग के लिए जिले में अलग से टीम का गठन किया गया है।

फ्लैग मार्च में एडीजी और कमिश्नर के अलावा डीआईजी, डीएम, एसएसपी और आलाधिकारी भी मौजूद रहे। एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि पूरे जोन और रेंज में सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्त है। सभी लोगों ने फैसले का सम्मान किया है। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों का पालन के तहत सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।

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