26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इन IAS ऑफिसरों ने दिया सर्टिफिकेट, ना दहेज लेंगे और न देंगे, कहा- बच्चों की भी शादी फ्री में करेंगे

एक और IAS संजय खत्री ने एक आम लड़की से शादी की तो वहीं इन 80 अफसरों ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत लिया इतना बड़ा संकल्प

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

pallavi kumari

Nov 28, 2017

Dowry

Dowry prohibition act

बागपत : गाजीपुर के एक लड़की से यहां के डीएम IAS संजय खत्री की शादी खबरें इन दिनों काफी चर्चा में बनी हुई है। इसी तर्ज पर मेरठ के बागपत में IAS अफसरों और जिला के अधिकारियों ने दहेज ना लेने की कसम खाई है। जी हां, शासन के आदेश पर अफसरों ने दहेज नहीं लेने और नहीं देने का सर्टिफिकेट दिया है। महिला एवं बाल कल्याण विभाग की ओर से दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल संरक्षण अधिकारी दीपांजलि ने डीएम भवानी सिंह, सीडीओ चांदनी सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं प्रशिक्षु आइएएस अन्नपूर्णा गर्ग, एडीएम विधान जायसवाल समेत 80 अधिकारियों और कर्मियों से दहेज नहीं लेने-देने के प्रमाण-पत्र दिए गए हैं,।

सिर्फ इतना ही नहीं शादीशुदा अधिकारियों ने भी यह सर्टिफिकेट दिया कि बच्चों की शादी में दहेज की बुराई से पूरी तरह दूर रहेंगे। बिना दान-दहेज के बेटे और बेटियों की शादी करेंगे। डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने बाल संरक्षण अधिकारी को सभी विभागों के अफसरों और कर्मियों से सर्टिफिकेट प्राप्त करने की हिदायत दी है। डीएम ने कहा कि समाज को जागरूक करके ही दहेज जैसी बुराई से समाज को मुक्ति दिलाई जा सकती है। दहेज के कारण अनेक परिवार टूट रहे हैं।


बाल संरक्षण अधिकारी दीपांजलि का कहना है कि महिला संरक्षण विभाग की ओर से दहेज प्रतिषेध दिवस मनाया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों से दहेज न लेने और न देने और भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों में न रहने के लिए घोषणा पत्र भरवाए जा रहे हैं। जिसके लिए जिले के विभिन्न विभागों से 80 अधिकारी और कर्मचारियों ने इसकी घोषणा की है।

आपको बतादें कि पिछले 3 सालों में भारत में 24,771 महिलाओं की मौत दहेज के कारण हुई है। लोक सभा में महिला एवम बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने एक लिखित ब्योरा पेश किया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि 2012, 2013 और 2014 मे हुई महिलाओं की मौत का लेखा जोखा है। इसके मुताबिक पिछले तीन सालों में 8 लाख से भी ज्यादा मामले धारा 304 बी के तहत दर्ज हुए हैं।

इस आकड़ें का हवाला देते महिला एवम बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने यह भी कहा था कि दहेज प्रथा के कारण हुई मौतों में उत्तर प्रदेश 7.048 सबसे आगे है। वहीं बिहार 3.830 और मध्य प्रदेश 2.252 है। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के मुताबिक 3.48 लाख मामले पति और उनके परिवार द्वारा घरेलू हिंसा के दर्ज हुए हैं। घरेलू हिंसा सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल(61,259) में हुआ है इसके बाद क्रमश: राजस्थान (44,311) और आंध्र प्रदेश (34,835) का नंबर आता है।