
मेरठ. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लमीन (AIMIM) ने मेरठ में एक बड़ी बैठक का आयोजन किया। इस दौरान AIMIM के नेताओं ने कहा कि प्रदेश में अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार किया जा रहा है। अल्पसंख्यकों में जागरुकता का आभाव होने के कारण उन्हें अपने खिलाफ चल रही मुहिम के बारे में कोई जानकारी नहीं हो रही। इसके बाद संस्था के पदाधिकारियों ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर असंतोष जाहिर किया।
मदरसों को बदनाम करने की साजिश
संस्था के पदाधिकारी शादाब चौहान ने कहा कि मदरसों को बदनाम किया जा रहा है। हम मदरसों का सही और असली चेहरा जनता के बीच लेकर जाएंगे। हम देश को बताना चाहते हैं कि मदरसों के अंदर वो लोग पैदा होते हैं, जिन्होंने देश को आजाद कराया था। मदरसों ने पढ़कर निकला हुआ इंजीनियर भी बनता है। उनका कहना था कि वर्तमान सरकार में मदरसों पर शिकंजा कसा जा रहा है। मदरसों को सरकारी वित्तीय सहायता मिलती है, जिसके सहारे वहां पर रहने वाले बच्चों का पालन-पोषण होता है और वहां के मौलवियों का खर्च निकलता है। लेकिन सरकार ने ये इमदाद भी बंद करने की बात कही है, जो सरासर गलत और नजायज है।
कानून-व्यवस्था के मामले में सांसद को कटघरे में खड़ा किया
पत्रकार वार्ता के दौरान एआईएमआईएम के प्रवक्ता ने मेरठ के सांसद राजेन्द्र अग्रवाल को कटघरे में खड़ा किया। बताते चले कि भाजपा के सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने शुक्रवार को किशोरी की मौत के बाद कहा था कि प्रशासन व्यवस्था खराब है। उनके इस बयान की कड़ी निंदा हुई थी। एआईएमआईएम के पदाधिकारियों ने कहा कि सांसद जी संसद में क्या करने जाते हैं। कानून-व्यवस्था की बात वे संसद में क्यों नहीं उठाते हैं। अब तो उनकी सरकार है।
तीन तलाक बिल मुस्लिम महिला विरोधी
तीन तलाक बिल को मुस्लिम महिलाओं का विरोधी बताया है। प्रदेश प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि यह बिल घरों को बर्बाद करने के लिए लाया गया है। मजलिस कर घर-घर जाकर इसके नुकसान के बारे में लोगों को बताएगा। समाज इसका पुरजोर तरीके से विरोध करता है।
Published on:
14 Jan 2018 04:10 pm
बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
