
मेरठ। भाजपा और सपा के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। चाहे वह चुनावी आखाड़ा हो, सदन हो या फिर दफ्तर, जहां भी मौका मिलता है दोनों आपक में भिड़ जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ मेरठ में, जहां वार्षिक ठेकों की नीलामी की सूचना सावर्जनिक नहीं करने का आरोप लगाते हुए भाजपा सभासदों और व्यापारियों के साथ अन्य लोगों ने नगर पंचायत कार्यालय में जमकर हंगामा खड़ा कर दिया। ईओ व लिपिक को शिकायती पत्र सौंप कर कार्रवाई की मांग की गई। लेकिन, लोगों का गुस्सा उस समय भड़क गया, जब चेयरमैन अब्दुस समद के बराबर में बैठे सपा नेता द्वारा लोगों को धमकाया गया।
सपा नेता पर भड़के भाजपा सभासद
वहीं, हंगामे कर रहे लोगों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस कस्बे का चेयरमैन तो चुप बैठा रहता है, यह बोलता नहीं है। सपा नेता क्यों बोलता है? इस संबंध में लोगों ने ईओ त्रिपाठी को भी आड़े हाथों लेकर उनसे ही यह सवाल कर दिया? कस्बे का चेयरमैन कौन है, ईओ ने कहा यह आपके कस्बे की राजनीति का मामला है, इसमें मैं कुछ नहीं कहना चाहती। वहीं, संयुक्त व्यापार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर चेयरमैन को लिखित ज्ञापन सौंपा।
तानाशाही नहीं होगी बर्दाश्त
हंगामा कर रहे भाजपा सभासदों ने कहा कि यह तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ठेका वाहन का प्रवेश और सब्जी बेचने वाले लोगों से वसूली नहीं की जाएगी। यदि नगर पंचायत ऐसा करती है, तो सभी व्यापारी इकट्टा होकर फलावदा का बाजार बंद कर नगर पंचायत के खिलाफ आंदोलन करेंगे। वहीं ईओ के बैठक में कई घंटे देरी से पहुंचने पर ठेकों की नीलामी रोक दी गई। अब यह ठेके छोड़ने की प्रक्रिया अप्रैल महीने के पहले सप्ताह में बैठक कर बोली लगाई जाएगी। लोगों ने आरोप लगाया कि चेयरमैन अपने चहेतों के नाम गुप्त तरीके से ठेका नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर रहे थे। हंगामा बढ़ने पर पुलिस को बुलाना पड़ा, तब जाकर मामला शांत हुआ।
चेयरमैन पर लगाए गंभीर आरोप
सभासदों ने चेयरमैन पर आरोप लगाते हुए कहा कि चेयरमैन न तो कस्बे की गंदगी साफ करवाते हैं और न कभी कस्बे का निरीक्षण करते हैं। कस्बे की हालत खस्ताहाल होती जा रही है।
Published on:
23 Mar 2018 04:43 pm
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