
अमित शाह ने गठबंधन से मिल रही चुनौती को लेकर पार्टी नेताआें आैर कार्यकर्ताआें को दिया ये मूल मंत्र
मेरठ। भाजपा के लिए लोकसभा चुनाव 2014 की सफलता का खाका पश्चिम उप्र ने तय किया था। इस बार भी कमोबेश यही स्थिति है। पश्चिम के मतदाता ही देश के अन्य मतदाताओं का मूड तय करेंगे। आगामी 28 मार्च को मोदी की प्रस्तावित रैली की तैयारियों की समीक्षा और सभी 14 लोकसभा सीटों पर मंथन करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बीती रात मेरठ में थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने देर रात तीन बजे तक मेरठ सहित पश्चिमी उप्र की सभी 14 लोकसभा सीटों पर मंथन किया।
सभी सीटों के लोकसभा प्रभारियों, संयोजकों और जिला व महानगर अध्यक्षों को बैठाकर उनसे पूरी चुनावी रणनीति पर चर्चा करने के साथ ताजा चुनावी समीकरणों को साधने की कोशिश की। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह हाइवे स्थित एक होटल में रूके हुए थे। उनके साथ समीक्षा बैठक प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडे, प्रदेश प्रभारी जेपी नड्डा, प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय, क्षेत्रीय प्रभारी विजय बहादुर पाठक भी मौजूद रहे। अमित शाह ने पहले मंडलवार सीटों की समीक्षा की। इसके बाद सभी मंडलों की सीटों पर अलग-अलग जाति के मतों के बारे में मंथन किया। उन्होंने लोकसभा प्रभारी, लोकसभा संयोजक, जिला और महानगर अध्यक्षों से सीट पर कुल मतदाता, जातिगत आंकड़े, बूथ आदि की संख्या जानी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि अगर बूथ जीत लिया तो समझो चुनाव जीत लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा गठबंधन के सामने कमजोर नहीं है, कार्यकर्ताओं को हौसला और मेहनत करनी है। अगर मतदान वाले दिन यह कर लिया तो जीत हमारी है। यदि हम अपने प्रत्येक मतदाता को बूथ तक ले जाने में कामयाब रहे तो कोई ताकत हमें हरा नहीं सकती। बूथ जीता, तो चुनाव जीत जाएंगे। उन्होंने लक्ष्य दिया कि प्रत्येक बूथ पर 51 प्रतिशत मतदान भाजपा के पक्ष में करवाना है। यह लक्ष्य कार्यकर्ता लेकर चलें। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया हैं रात दिन एक करने का। अमित शाह के साथ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. लक्ष्मी कांत वाजपेयी मुरादाबाद से ही उनके साथ हेलीकाप्टर से होटल में पहुंचे।
Updated on:
27 Mar 2019 04:36 pm
Published on:
27 Mar 2019 03:12 pm
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