
मेरठ में रिश्वत लेते पकड़े गए रिश्वतखोर लेखपाल को गिरफ्तार कर लेकर जाती एंटी करप्शन टीम।
Meerut News: मेरठ में एक लेखपाल फाइल पर फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर पांच हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। पीड़ित करीब तीन महीने से लेखपाल के चक्कर काट-काटकर परेशान हो गया था। पीड़ित ने लेखपाल को रिश्वत देने में असमर्थता जताई तो उसने फाइल पर रिपोर्ट लगाने से मना कर दिया। मजबूर होकर पीड़ित ने एंटी करप्शन विभाग में इसकी शिकायत की। इस पर एंटी करप्शन टीम ने रिश्वतखोर लेखपाल को पांच हजार की रिश्वत लेते रंगे गिरफ्तार कर लिया। एंटीकरप्शन मेरठ यूनिट ने आज गुरुवार को रिश्वतखोर लेखपाल को पांच हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी से थाने में पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया।
मेरठ एंटीकरप्शन मेरठ यूनिट ने आज गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। जहां सदर बाजार थाना क्षेत्र में टीम ने रिश्वत खोर लेखपाल को 5,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पकड़े रिश्वतखोर आरोपी का नाम संदीप यादव बताया जा रहा है। बताया जाता है कि रिश्वतखोर लेखपाल संदीप यादव शहर तहसील में तैनात है। पूछताछ में सामने आया कि राजस्व से संबंधित फाइल पर रिपोर्ट लगाने के नाम पर वह रिश्वत मांग रहा था। टीम ने गुरुवार को आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
मेरठ के सरकारी विभागों में रिश्वत खोरी तेजी से बढ़ती जा रही है। पिछले दो महीने में एंटी करप्शन टीम ने सरकारी विभाग के चार कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इनमें मेरठ विकास प्राधिकरण की एक महिला कर्मचारी भी शामिल है। जिसको रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। महिला कर्मचारी ने एक वकील से खुले शब्दों में कहा कि आप वकील हो या जज यहां पर बिना पैसे दिए काम नहीं होता है।
Published on:
21 Sept 2023 07:38 pm
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