अजब थाना गजब इंस्पेक्टर : पहले गिफ्ट लो तिलक लगवाओ फिर शिकायत बताओ

  • इन दिनों उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बने हुए हैं मेरठ के नोचन्दी थाना प्रभारी रहे प्रेमचंद शर्मा
  • थाने पहुंचने वाले सभी फरियादियों को पहले गंगाजल उपहार में देते थे फिर तिलक लगाते थे उसके बाद शिकायत सुनते थे

By: shivmani tyagi

Published: 30 Mar 2021, 08:42 PM IST

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

सहारनपुर ( up police ) पुलिस अगर थाने पहुंचने वाले फरियादी की फरियाद को अच्छी तरह से सुन ले और कार्यवाही के लिए आश्वस्त कर दे तो फरियादी का आधा तनाव दूर हो जाता है। यह कहना है मेरठ के नौचंदी थाने के इंस्पेक्टर रहे प्रेमचंद शर्मा का।

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नौचंदी पुलिस स्टेशन के एसएचओ रहे प्रेमचंद शर्मा अपनी कार्यप्रणाली को लेकर काफी सुर्खियों में हैं। इसका कारण यह है कि उन्होंने अपने थाने में पुलिस की कार्यप्रणाली को बिल्कुल ही बदल दिया था। थाने आने वाले सभी फरियादियों को पहले गंगाजल पिलाते थे फिर उनके मस्तक पर चंदन का टीका लगाते थे और उसके बाद कहते थे कि अब आप आराम से अपनी बात बताएं ? समस्या बताएं ?

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प्रेमचंद शर्मा का कहना है कि जब थाने आने वाले फरियादियों से इस तरह का व्यवहार किया जाता है तो उनका आधा कष्ट दूर हो जाता है। मस्तक पर चंदन का तिलक लगने के बाद उनका गुस्सा भी कम हो जाता है। प्रेम चंद शर्मा का दावा है कि लोगों का विश्वास जीतने और उनके गुस्से के साथ साथ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए उनका यह फार्मूला काफी कारगर साबित हुआ। लोग गुस्से में आक्रामक होकर शिकायत करने आते हैं लेकिन उसके बाद उनका गुस्सा शांत हो जाता है और फिर वह बढ़ा चढ़ाकर शिकायत नहीं करते। उनका यह भी कहना है कि इससे पुलिस और पब्लिक के रिश्ते मधुर हुए हैं। अपराध ग्राफ कम हुआ और छोटे-मोटे झगड़ों से लेकर मारपीट तक की घटनाओं में काफी गिरावट आई।

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इस बीच उन्होंने यह भी सफाई दी है कि फरियादियों की बात शांतिपूर्वक सुनने और उन्हें गंगाजल गिफ्ट करने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उन्होंने थाना क्षेत्र में उपद्रवियों पर कोई रियायत की या अपराधियों को बख्शा। अपराधियों के खिलाफ पूरी कार्यवाही की जा रही है उन्हें बख्शा नहीं जा रहा लेकिन फरियादियों के साथ पुलिस का व्यवहार और अधिक सरल हुआ है जिससे फरियादी झूठी शिकायत नहीं करते और अपनी बात को बढ़ा चढ़ाकर नहीं बताते। जो वास्तविक घटना होती है फरयादी उसी की जानकारी देते हैं और ऐसे में पुलिस का काम भी सरल हो जाता है।

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