
Kartik Purnima Ganga Mela : गढमुक्तेश्वर कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेला में भैंसा बुग्गी पर प्रतिबंध, ग्रामीणों में रोष
Garhmukteshwar Kartik Purnima Ganga Mela कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले गढ़ गंगा मेला और हस्तिनापुर के मेला मखदूमपुर में इस बार ग्रामीण श्रद्धालु भैंसा बुग्गी नहीं ले जा सकेंगे। प्रशासन ने कार्तिक पूर्णिमा मेले में भैंसा बुग्गी के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। पशुओं में फैली लंपी बीमारी के कारण प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। हापुड के गढमुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा मेला आयोजन किया जाता है। हापुड जिलाधिकारी ने मेरठ जिलाधिकारी दीपक मीणा को इस संबंध में एक पत्र भेजा है। जिसमें कहा है कि हापुड़ सहित अन्य सभी जनपदों में गौवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं में घातक संक्रमण बीमारी लंपी स्किन डिजीज का प्रकोप फैला है।
लंपी बीमारी में पशुओं की त्वचा पर गांठनुमा फफोले व घांव होते हैं। इस बीमारी से ग्रसित पशु को तेज बुखार भी आता है। ये एक संक्रमण बीमारी है जो एक पशु से दूसरे पशु में होती है। यह बीमारी गाय-भैंसों के अलावा घोडे, गधे, खच्चर, ऊंट आदि में भी होती है। कार्तिक पूर्णिमा मेला में ग्रामीण इलाकों से अधिकांश श्रद्धालुगण अपने परंपरागत वाहन भैंसा बुग्गी से पहुंचते हैं। मेले में पशुओं के एक स्थान पर एकत्र होने से लंपी बीमारी के फैलने का खतरा है।
हापुड के गढ़मुक्तेश्वर में आगामी 29 अक्तूबर से कार्तिक पूर्णिमा मेला शुरू होगा। इस बार मेले में अश्व प्रदर्शनी और अश्व विपणन के आयोजन पर भी रोक लगायी है। लंपी स्किन डिजीज को देखते हुए श्रद्धालुओ से अपील कि गई है कि वो कार्तिक पूर्णिमा मेले में गंगा स्नान में आने के लिए घोड़े, गधे, खच्चर, गाय, बैल व भैंसे को ना लेकर आए। शासन के इस निर्णय से ग्रामीणों में रोष है।
Published on:
27 Oct 2022 08:15 pm
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