
मेरठ। एसएसपी कार्यालय परिसर में भगवा आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे लगने से एकाएक माहौल गर्म हो गया। नारे लगाने वाले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के कार्यकर्ता थे। जिन्होंने भगवा आतंकवाद मुर्दाबाद लिखी तख्तियां अपने हाथों में ले रखी थी। एआईएमआईएम का आरोप है कि शहर की मीट आपूर्ति के लिए लाई जा रही पशुओं की गाड़ियों से हिन्दूवादी संगठन के लोग अवैध वसूली का काम करते हैं। जिस कारण महानगर में मीट की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। जबकि महानगर का एक बड़ा तबका मीट का सेवन करने वाला है। भगवा आतंकवाद के कारण मीट की गाड़ियां शहर के भीतर नहीं आ पाती। जिस कारण मीट व्यापारियों का व्यापार प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन पर भी लगाए आरोप
एआईएमआईएम प्रवक्ता शादाब चौहान ने आरोप लगाया कि पशु वाहनों के शहर में प्रवेश करने पर हिन्दूवादी संगठन खासकर बजरंगदल, विश्वहिन्दू परिषद , हिन्दू युवा वाहिनी , हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं द्वारा गैर कानूनी तरीके से रोककर ट्रक डाइवरों के साथ मारपीट की जाती है। इतना ही नहीं अगर साथ में व्यापारी भी है तो उसे भी मारपीट कर अवैध वसूली के प्रयास किए जाते हैं। जिससे महानगर में कई बार सांप्रदायिक तनाव के हालात पैदा हुए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार के बाद से इनकी गुंडागर्दी और बढ़ी है। पुलिस से कई बार इनकी शिकायत की गई। लेकिन पुलिस और प्रशासन दोनों इस बात पर मौन है। मीट व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन पर भी भगवाधारी तत्वों का पक्षपात किए जाने का आरोप लगाया है। कार्यकर्ताओं ने एसएसपी से इन पर कड़ाई से सख्ती की जाने की मांग । जिसके बाद एसएसपी ने भी व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।
रैली में भाड़े से जुटाए गए थे मजदूर
उधर घटना के बाद प्रदर्शन रैली में लोगों को भाड़े पर लाने का आरोप भी लगा है। बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के प्रदेश प्रवक्ता शादाब चौहान प्रदर्शन करने के लिए कमिश्नरी चौराहा पहुंचे तो उनके साथ में जो भीड़ थी वह कोई कार्यकर्ता नहीं बल्कि 100-100 रुपये में लाए गए मजदूर थे। ये खुद भीड़ में पहुंचे एक मजदूर ने कबूल किया। रैली में मौजूद एक मजदूर रिज़वान ने कहा कि उन्हें प्रदर्शन रैली में शामिल होने के लिए 100 रुपये के भाड़े पर बुलाया गया था। जिसके तहत ही वो यहां पहुंचे। हालांकि वो किस मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे उन्हें ये तक जानकारी नहीं थी।
बहरहाल एसएसपी कार्यालय पर प्रशासन को घेरने पहुंचे ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के कार्यकर्ता भाड़े के मजदूर लाने वाली हकीकत सामने आने खुद सवालों के घेरे में आ गए। सवाल उठने लगे है कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ में कोई मीट व्यापारी शामिल नहीं था बल्कि मजदूर थे तो फिर क्यों बेवजह का मुद्दा बनाकर एआईएमआईएम के कार्यकर्ता इसे राजनीतिक रूप देने की कोशिश की।
Published on:
30 Dec 2017 12:53 pm
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