Bharat Bandh: बंद बेअसर होने के पीछे संगठन के नेताआें ने गिनार्इ ये वजह, कहा- सरकार के फैसले से भविष्य में उठानी पड़ेंगी बड़ी परेशानियां

Bharat Bandh: बंद बेअसर होने के पीछे संगठन के नेताआें ने गिनार्इ ये वजह, कहा- सरकार के फैसले से भविष्य में उठानी पड़ेंगी बड़ी परेशानियां

Sanjay Kumar Sharma | Publish: Sep, 28 2018 01:37:36 PM (IST) Meerut, Uttar Pradesh, India

सुबह से खुले रहे मेडिकल स्टोर, प्रदर्शन में भी शामिल नहीं हुए

 

मेरठ। e-commerce , e-farmacy, आॅनलाइन दवा बिक्री के विराेध में बुलाए गए बंद के कारण शुक्रवार को देशभर के दवा काराेबारी हड़ताल पर हैं। यूपी में प्रदेशभर के दवा काराेबारियों ने मेडिकल स्टोर बंद करने का आह्वान किया था, लेकिन मेरठ में इसका बेहद आंशिक असर देखा गया। दवा कारोबारी अपने जोरदार प्रदर्शन से सरकार के इस फैसले को पलटवाने की उम्मीद लगा रहे थे, लेकिन मेरठ में एेसा नहीं हो पाया। सुबह से दोपहर तक अधिकतर दवा दुकानें खुली रही। दवा कारोबारी ने आैपचारिक रूप से विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के नेताआें ने बंद बेअसर होने की बड़ी वजह बतार्इ।

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गुटबाजी के कारण बेअसर रहा बंद

जिला मेरठ कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री रजनीश कौशल ने बताया कि र्इ-फार्मेसी, आॅनलाइन दवा बिक्री से सभी कारोबारियों को परेशानी है, लेकिन यहां दो गुट होने की वजह से एक गुट के लोग सरकार के पक्ष में अपनी दुकानें खोले बैठे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में दवा कारोबारियों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ेंगी, क्योंकि ड्रग्स एंड केमिस्ट एक्ट 1945 में साफ है कि डाॅक्टर जो दवाएं लिखेंगे, केमिस्ट उन दवाआें को देगा। इनके बीच में कोर्इ नहीं अा सकता। र्इ-फार्मेसी में दिक्कतें यह रहेंगी कि केमिस्ट कितने बिल संभालकर रखेगा आैर इतना बड़ा रिकार्ड कहां रखेगा। इसी तरह आॅनलाइन दवा बिक्री में डिलीवरीमैन लोगों को दवा के बारे में उपभोक्ताआें कैसे बता पाएगा, जबकि वे ज्यादा पढ़े लिखे नहीं होते।

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सरकार खुद ही फंस गर्इ एेसा करके

महामंत्री रजनीश कौशल ने बताया कि सरकार ने 348 दवाआें पर बैन लगाया है। यदि मरीज को चार दवाएं मिलाकर खानी है तो आॅन लाइन दवा बिक्री के जरिए कैसे मरीज को पता चलेगा कि किस दवा में कौन सा साॅल्ट होगा। यह सिर्फ केमिस्ट ही बता सकता है। इसीलिए हमारा विराेध है। उन्होंने कहा कि इस परेशानी को सभी दवा कारोबारी समझ रहे हैं, लेकिन विरोध नहीं कर रहे। इसलिए भारत बंद का असर आंशिक रहा है। संगठन गुटबाजी का शिकार हो गए हैं, जबकि दवा कारोबारियों की परेशानी जायज हैं, लेकिन विरोध नहीं कर रहे।

यहां खुले रहे मेडिकल स्टोर

मेरठ के दवा मार्केट खैर नगर में बंद बेअसर रहा। साथ ही छीपी टैंक, बेगमपुल, बेगमपुल-हापुड़ रोड, शास्त्रीनगर समेत सभी जगह मेडिकल स्टोर खुले। हालांकि दवा खरीदारों की भीड़ कम रही। दोपहर करीब बारह बजे जिला मेरठ कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले खैर नगर में दवा कारोबारियों ने सरकार के नए फरमान को लेकर विरोध जताया आैर नारेबाजी की। इनमें रजनीश कौशल, मनजीत सिंह कोछड़, मोइनुद्दीन गुड्डू, मनोज शर्मा, अाशीष शर्मा, सतीश कुमार डिम्पी, राजेश अग्रवाल आदि शामिल रहे।

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