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अनिल अंबानी को लगा तगड़ा झटका, राज्यपाल ने रद्द किया रिलायंस का करार

हम यह मामला विजिलेंस को सौंप रहे हैं। इसमें चाहे कोई भी अधिकारी या बिजनेसमैन शामिल हो, बख्शा नहीं जाएगा।

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मेरठ

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Rahul Chauhan

Oct 27, 2018

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अनिल अंबानी को लगा बड़ा झटका, राज्यपाल ने रद्द किया रिलायंस का करार

बागपत। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कारोबारी अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की एक कंपनी को मिले मेडिकल इंश्योरेंस के एक करार को रद्द कर दिया है। यह मामला ऐसे वक्त में सामने आया है, जब लड़ाकू विमान राफेल के सौदे को लेकर अनिल अंबानी की कंपनी चर्चाओं में है। राज्यपाल के मुताबिक टेंडर्स के आवंटन में फर्जीवाड़ा किया गया था। मलिक ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा कि हम इसकी जांच कर रहे हैं। इसके लिए टेंडर किसी अन्य कंपनी ने मंगवाया था, सरकार ने नहीं। हम यह मामला विजिलेंस को सौंप रहे हैं। इसमें चाहे कोई भी अधिकारी या बिजनेसमैन शामिल हो, बख्शा नहीं जाएगा।

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आपको बता दे कि सत्यापाल मलिक ने 20 सितंबर को ही गवर्नर का कार्यभार संभाला है। वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हिसावदा गांव के रहने वाले हैं। इसके बाद, राज्य के साढ़े 3 लाख नियमित कर्मचारियों को इंश्योरेंस प्रदान करने के लिए रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। इस इंश्योरेंस के लिए कर्मचारियों और पेंशनधारकों को क्रमश: 8777 रुपये और 22229 रुपये का सालाना प्रीमियम देना था। यह सभी सरकारी कर्मचारियों को लेना अनिवार्य था। राज्यपाल ऑफिस के सूत्रों के मुताबिक सरकार की ओर से ट्रिनिटी ग्रुप ने टेंडर निकाले थे। सूत्रों के मुताबिक रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को मौका देने के लिए शर्तों में बदलाव किए गए।

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वित्त सचिव नवीन चौधरी ने एक अंग्रेजी अखबार से कहा कि शिकायतों के निस्तारण और ट्रांजेक्शन एडवाइजर के लिए ट्रिनिटी ग्रुप का चुनाव बोली की प्रक्रिया के जरिए हुआ था। किसी चूक से बचने के लिए यह एक मानक प्रक्रिया है क्योंकि सरकारी अफसरों को इंश्योरेंस से जुड़े मुद्दों की समुचित विशेषज्ञता नहीं है। उन्होंने कहा कि इस ग्रुप इंश्योरेंस कंपनी की कुल कीमत 280 करोड़ रुपये थी, जिसमें एडवांस प्रीमियम के तौर पर 60 करोड़ रुपये दे दिए गए थे। सूत्रों के मुताबिक, इस 60 करोड़ रुपये का भुगतान कथित तौर पर बिना मुख्य सचिव और राज्यपाल की मंजूरी के हुआ। इस करार को खत्म करने का आदेश जल्द ही जारी होगा। राज्यपाल का कहना है कि कई कर्मचारियों ने ज्यादा प्रीमियम की शिकायत करते हुए इस इंश्योरेंस पॉलिसी को लेने का खिलाफ विरोध जताया था। राज्यपाल के मुताबिक, इन शिकायतों के बाद उन्होंने खुद फाइलों का अध्ययन किया और पाया कि इस स्कीम में कई समस्याएं हैं।