
UP Assembly Elections 2022 : भाजपा घर—घर मांग रही वोट तो अखिलेश प्रेस कांफ्रेस के सहारे साध रहे मतदाता
UP Assembly Elections 2022 पहले चरण के मतदान में अब मात्र चंद दिन ही शेष बचे हैं। ऐसे में जनसंपर्क अभियान अपने चरम पर है। इस जनसंपर्क अभियान में जहां भाजपा घर—घर जाकर वोट मांग रही है। वहीं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेस कांफ्रेस के सहारे चुनावी अभियान को गति दे रहे हैं। अखिलेश यादव और अन्य दूसरी पार्टियों के नेता अपनी बात करने का सबसे अच्छा माध्यम मीडिया को मान रहे हैं। इसी कारण से वे मीडिया को अधिक से अधिक तवज्जों दे रहे हैं। इस बार कोरोना प्रोटोकाल के चलते न तो जमीनी रैलियों का जोर है और न जनसंपर्क अभियान में कोई खासी भीड़। कोरोना संक्रमण के कारण ही निर्वाचन आयोग ने भी जनसंपर्क अभियान की कमान खीची हुई है। जिसके कारण राजनैतिक दल भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। कोरोना के बीच ही गत साल 2021 में पंचायत चुनाव हुए थे। उसके बाद अब तीसरी लहर के बीच प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। चुनाव जीतकर सत्ता में दूसरी पारी खेलने का सपना देख रही भाजपा ने जनसंपर्क अभियान में पूरी गति से ताकत झोंक रखी है। स्टार प्रचारक के लेकर कार्यकर्ता तक घर—घर जाकर वोट मांग रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अन्य दूसरी पार्टियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को अपने प्रचार का हथियार बना रखा है। प्रेस वार्ता के जरिए जनता तक अपनी आवाज पहुंचाने के मामले में सपा सबसे आगे हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सपा के मुख्यालय से लेकर पश्चिमी उप्र के सभी 11 जिलों में मीडिया के माध्यम से अपनी बातें मतदाताओं तक पहुंचा रहे हैं।
गृहमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक मांग चुके घर—घर वोट
निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा 8 जनवरी को दी थी। पहले चरण का मतदान पश्चिमी उप्र के 11 जिलों की 58 सीटों पर होना है। इसके बाद दूसरे चरण का मतदान 14 फरवरी को होना है। ऐसे में सत्ता वापसी का सपना देख रही सभी विपक्षी पार्टियां और योगी सरकार पार्ट 2 खेलने की तैयारी कर रही भाजपा ने इस समय दोनों चरणों के चुनाव वाले जिलों की ओर रूख किया हुआ है। निर्वाचन आयोग की तमाम बंदिशों के बावजूद भी दल अपने तरीके से प्रचार करने में किसी प्रकार की कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। सत्ता दल भाजपा के बड़े चेहरे मतदाताओं के घर के दरवाजे जाकर वोट मांग रहे हैं। इन बड़े चेहरों में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक शामिल हैं। पलायन मुददे को लेकर सुर्खियों में रहने वाले कैरान की सड़कों पर तो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह खुद पैदल चले और मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में करने का प्रयास किया। वहीं दूसरी ओर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ, बुलंदशहर और गाजियाबाद में मतदाताओं के मकान की घंटी बजाकर वोट मांगे।
रोजगार,मुफ्त बिजली गन्ना मूल्य के साथ गठबंधन मैदान में
भाजपा के दिग्गज जहां घर—घर जाकर वोट मांग रहे हैं वहीं सपा रालोद गठबंधन ने रोजगार और मुफ्त बिजली के अलावा गन्ना मूल्य का मामला मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया है। बता दे कि चुनाव की घोषणा होने के बाद से अखिलेश यादव प्रतिदिन लगातार सपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर रहे हैं। जिसमें वे अपने चुनावी एजेंडों और वादों को दोहराते हैं। बता दे कि अखिलेश यादव ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि अगर सपा सरकार आई तो प्रदेश में सभी को 300 यूनिट मुफ्त बिजली के अलावा समाजवादी पेंशन 1,500 रुपये करने, पुरानी पेंशन बहाली,आईटी सेक्टर में लाखों युवकों को रोजगार के अलावा गन्ना मूल्य बढ़ाए जाने को भी कहा है।
Published on:
03 Feb 2022 04:01 pm

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