
भाजपा के गढ़ की इस अहम सीट पर सपा-बसपा वोटर 'एक' हुए तो रोकेंगे 'हैट्रिक' बनने से!
मेरठ। लोक सभा चुनाव 2019 में प्रथम चरण का मतदान 11 अप्रैल को होने जा रहा है। भाजपा के गढ़ में मेरठ-हापुड़ लोक सभा सीट के अलग मायने हैं, क्योंकि पिछले दो लोक सभा चुनाव में भाजपा ने मजबूती के साथ यह सीट कब्जा रखी है। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने इस सीट पर 2009 आैर 2014 में चुनाव जीता था। इस बार वह हैट्रिक के मुहाने पर हैं। हालांकि इस बार सबकुछ इतना आसान नहीं है। पिछली बार काफी विरोध के बावजूद राजेंद्र अग्रवाल को टिकट मिला था, लेकिन 'मोदी लहर' एेसी चली कि भाजपा को इस सीट पर धमाकेदार जीत मिली थी। 2019 में एेसी स्थिति नहीं है आैर सपा-बसपा गठबंधन भी फ्रंट पर है। इस बार सपा-बसपा के वोटर 'एक' हो गए थे, भाजपा को अपने गढ़ में शिकस्त झेलनी पड़ सकती है।
सपा-बसपा गठबंधन पर नजर
इस चुनाव में खास बात यही है कि सपा-बसपा गठबंधन बना है। गठबंधन उम्मीदवार बसपा के याकूब कुरैशी भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल के सामने हैं। कांग्रेस ने हरेंद्र अग्रवाल को मैदान में उतारा है, जबकि पिछली बार नगमा उम्मीदवार थी। लोक सभा चुनाव 2014 पर गौर करें तो भाजपा को 5,32,981 वोट मिले थे आैर 2,32,326 वोट से बड़ी जीत हासिल की थी। दूसरे नंबर पर रहे बसपा के शाहिद अखलाक को 3,00,655 वोट हासिल हुर्इ थी। इस बार गठबंधन के कारण सपा-बसपा के वोटों को मिला दिया जाए तो यह आंकड़ा 5,12,414 बनता है। पिछली बार भाजपा की जीत में 'मोदी लहर' के कारण कर्इ जातियों का वोट बैंक भाजपा के खाते में गया था। यही वजह थी कि भाजपा की जीत विशाल हो गर्इ। इस बार यहां कांग्रेस से हरेंद्र अग्रवाल हैं, जिनकी मेरठ आैर आसपास लोगों में अच्छी पकड़ है, एेसे में कांग्रेस को कैडर वोट समेत वैश्य व ब्राह्मण वोट भी मिलेगा। एेसे में भाजपा को नुकसान होगा। सपा-बसपा गठबंधन के कारण दलित व मुस्लिम वोट बैंक उसके हिस्से में जाएगा, लेकिन यह तभी संभव है जब दोनों पार्टियों के वोटर 'एक' होकर गठबंधन उम्मीदवार को वोट करेंगे। यदि ये एक हुए तो भाजपा को यहां जीत की 'हैट्रिक' लगाने से रोक सकेंगे।
2014 चुनाव में मेरठ-हापुड़ लोक सभा सीट का परिणाम
उम्मीदवार (पार्टी)- मिले वोट
राजेंद्र अग्रवाल (भाजपा)- 5,32,981
शाहिद अखलाक (बसपा)- 3,00,655
शाहिद मंजूर (सपा)- 2,11,759
नगमा (कांग्रेस)- 42,911
डॉ. (मेजर) हिमांशु सिंह (आप)- 11,793
सुनील दत्त (निर्दलीय)- 1,734
मुकेश कुमार (निर्दलीय)- 1,542
मो. उस्मान गाजी (राष्ट्रीय अपना दल)- 1,451
मो. शाजिद सैफी (बहुजन मुक्ति पार्टी)- 1,063
अतुल खोड़वाल (निर्दलीय)- 818
इकरा चौधरी (निर्दलीय)- 734
अफजल (निर्दलीय)- 382
अनिल (निर्दलीय)- 348
नोटा- 5,213
Published on:
30 Mar 2019 04:56 pm
बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
