
मेरठ. थाना मवाना में बीते 21 अप्रैल को नरेंदर नागर को पुलिस ने जेल भेजा था। जेल में 2 दिन बाद ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर गलत मामले में फंसाने का आरोप लगाया था। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने बेक़सूर को थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। मेरठ की एसएसपी ने थाना इंचार्ज, एक दरोगा और एक सिपाही को सस्पेंड कर दिया था। मृतक नरेंदर के घर एक सर्वदलीय पंचायत हुई। सत्ताधारी पार्टी के विधायक समेत अन्य नेता भी शामिल हुए। बीजेपी के विधायक ने योगी आदित्यनाथ और गृहमंत्री से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और पार्टी छोड़ने की चेतवानी तक दे डाली।