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र्इद पर राजनीतिक दल कैंप लगाकर दे रहे थे मुबारकबाद, सतारुढ़ दल ने त्योहार पर इस मजहब से बनाकर रखी दूरी

सभी दलों के नेताआें ने भाजपा पर तीखी आलोचना व्यक्त की
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 17 Jun 2018, 1:47 PM IST

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र्इद पर राजनीतिक दल कैंप लगाकर दे रहे थे र्इद की मुबारकबाद, सतारुढ़ दल ने इस मजहब से बनाकर रखी दूरी

मेरठ। ईद के मौके पर सभी राजनीति दलों ने मुस्लिमों को लुभाने के लिए ईदगाह के आसपास र्इद मिलन को लेकर अपने-अपने कैंप लगाए थे और नेताओं ने ईद की मुबारकबाद के बड़े होर्डिग्स, पोस्टर और बैनर। मगर सत्तारूढ़ भाजपा ने न तो अपना कोई बैनर-पोस्टर लगाया और न ही अपना कोई कैंप। भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चे का भी कोई कैंप नहीं दिखा। वहीं कांग्रेस, सपा, बसपा, आप और विभिन्न संगठनों के कैंपों में ईद की मुबारकबाद देने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही।

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राजनीतिक हलकों में हो रही आलोचना

राजनीतिक हलकों में सत्तारूढ़ भाजपा के इस कार्य की घोर अलोचना हो रही है। राजनैतिक दलों के नेताओं का कहना है कि जो दल सत्ता में होता है उसके लिए कोई समाज या सम्प्रदाय अलग नहीं हो सकता। उसके लिए सभी बराबर होते हैं। ऐेसे में भाजपा प्रदेश और मुस्लिमों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। हालांकि भाजपाइयों ने इसके पीछे तर्क दिया है कि भाजपा ने कभी ईदगाह में ईद के मौके पर कोई कैंप नहीं लगाया। तो फिर इस बार क्यों लगाए।

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अन्य दलाें के ये नेता रहे शामिल

शाही ईदगाह पर विभिन्न दलों और संगठनों की ओर से कैंप लगाए जाते हैं। इस बार कांग्रेसी कैंप में नगमा की मौजूदगी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई थी वहीं बसपा के कैंप में पूर्व मंत्री हाजी याकूब, सरधना के पूर्व प्रत्याशी हाजी इमरान, मंडल कोआर्डिनेटर शाहजहां सैफी लोगों को ईद की मुबारकबाद देने के लिए मौजूद थे। समाजवादी के कैंप में जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, शहर विधायक रफीक अंसारी, पूर्व विधायक हाजी गुलाम मोहम्मद, महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी आदि भी लोगों को ईद की मुबारकबाद दे रहे थे। चौंकाने वाली बात थी ईदगाह के पास आम आदमी पार्टी के कैंप की मौजूदगी। इस कैंप में 'आप' के मनोज हंस, शैलेन्द्र कौशिक उपस्थित रहे। लोकदल की ओर से राष्टीय महासचिव रालोद डा. मैराजुद्दीन के अलावा अन्य नेता मौजूद रहे।

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2017 के चुनाव में भाजपा का साथ

भाजपा ये भले ही भूल जाए कि उसका कैडर वोट मुस्लिम नहीं है, लेकिन इसी कौम की बदौलत वह 2017 में सत्तासीन हुई है। 2017 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम बाहुल्य 59 सीटों पर भाजपा को 39 फीसदी वोट मिले। इन सीटों में भाजपा ने 39 सीटों पर जीत हासिल की थी। जिनमें से अधिकांश पश्चिम उप्र की थी।

'सामने आया भाजपा का मुस्लिम विरोधी चेहरा'

समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने ईदगाह पर भाजपा का कैंप न लगने पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि वैसे तो कैंप लगाना न लगाना सभी का अपना अधिकार है, लेकिन भाजपा को कैंप लगाकर मुस्लिम भाइयों को ईद की मुबारकबाद देनी चाहिए थी। भाजपा ने ऐसा न करके यह जाहिर कर दिया कि वह मुस्लिम विरोधी है। भाजपा का मुस्लिम विरोधी चेहरा सामने आ ही गया।

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