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मेरठ. उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections) की तैयारी में जुटी भाजपा (BJP) किसी भी कीमत पर सत्ता नहीं खोना चाहती। पार्टी चारों ओर से अपने को मजबूत करते हुए वोटरों के बीच पहुंचने की रणनीति तैयार कर रही है। इसके लिए बूथ से लेकर विधानसभा क्षेत्र तक पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है। अब 15 अगस्त से लेकर 15 सितंबर तक बूथ समितियों के सत्यापन का काम चलेगा।
तिकड़ी पर होगा दारोमदार
इसी बीच विधानसभा क्षेत्र के प्रभारियों और संयोजकों की सूची भी तैयार की जाएगी। विधानसभा चुनाव जिताने की जिम्मेदारी इन्हीं प्रभारियों और संयोजकों पर होगी। यानी बूथ समिति, विधानसभा प्रभारी और विधानसभा संयोजक की तिकड़ी मिलकर पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने का काम करेगी। भाजपा ने विधानसभा चुनाव की तैयारी में पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी का ये फुलप्रूफ विक्टर प्लान दूसरे पार्टियों को बेचैन किए हुए हैं।
मंथन के बाद किया जाएगा नामों का ऐलान
इसमें विधानसभा क्षेत्र को कार्यकर्ता संयोजक बनाया जाएगा। दूसरे विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारियों को प्रभारी पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रभारियों और संयोजकों के नाम की घोषणा काफी मंथन के बाद ही की जाएगी। इसके लिए ऐसे वरिष्ठ पदाधिकारियों की तलाश की जाएगी जिसे चुनाव में काम करने का काफी लंबा अनुभव हो और वह पार्टी प्रत्याशी के जीत की रणनीति बनाने में माहिर हो। पश्चिमी क्षेत्र के अध्यक्ष मोहित बेनीवाल और अन्य पदाधिकारी इसके लिए बाकायदा बायोडाटा लेकर नामों पर विचार कर रहे हैं। विधानसभा संयोजक और प्रभारी के लिए किसी भी स्तर पर दबाव या सिफारिश नहीं चलेगी।
15 अगस्त के बाद कभी भी हो सकती है घोषणा
पश्चिमी क्षेत्र के मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रभारी चयन में इस बात का ध्यान भी रखा जा रहा है कि किसी ऐसे व्यक्ति को यह जिम्मेदारी न दे दी जाए, जो चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। संयोजक पद के लिए विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम पर विचार किया जा रहा है। संयोजक चुनावी रणनीति तैयार करने में प्रभारी की मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो 15 अगस्त के बाद कभी भी विधानसभा प्रभारियों और संयोजकों के नाम की घोषणा की जा सकती है।
हर क्षेत्र में होगा एक विस्तारक
बीजेपी ने हर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक-एक विस्तारक का चयन करेगी। इन विस्तारकों को चुनाव सम्पन्न होने तक अपने निर्धारित क्षेत्र में रहना होगा। उन्हें उनकी चुनावी जिम्मेदारी बताने के लिए विस्तारकों की कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
BY: KP Tripathi
Published on:
12 Aug 2021 06:34 pm
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