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3 साल पहले 25 थे, अब 1 भी नहीं गोडावण !

-सलखा व कुछड़ी में सिमट रहे गोडावण क्षेत्र -वन विभाग ने भी माना, कहा- बढ़ते अतिक्रमणों से बनी स्थिति

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 Great Indian Bustard in jaisalmer

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जैसलमेर. सरहदी जैसलमेर जिले के सलखा व कुछड़ी में यदि आप गोडावण के स्वच्छंद विचरण को देखने का सपना संजाए हुए हैं तो आपको निराश होना पड़ सकता है। गोडावण के आवास स्थलों के समीप मानवीय दखल होने से यह निराशाजनक स्थिति बनी है। वन विभाग के आला अधिकारियों के अनुसार पांव पसार रहे अतिक्रमणों के दौर से यह दुर्लभ राज्य पक्षी गोडावण अब अपने विचरण वाले क्षेत्रों से पलायन करने लगा है। इन सबके बीच प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से यह राज्य पक्षी गोडावण की आवास स्थली के लिए मशहूर जैसलमेर जिले में बढ़ते अतिक्रमण की भेंट चढऩे से गोडावण विचरण में बाधक बन गया है। हालात यह है कि जिन गांवों में तीन साल पहले तक एक साथ 20 से 25 गोडावण नजर आते थे, वहां अतिक्रमणों की काली नजर ऐसी पड़ी कि एक भी गोडावण नजर नहीं आ रहा है। जानकारों के अनुसार जिले के कुछड़ी व सलखा गांव गोडावण विचरण के लिए सबसे उपयुक्त गांव माने जाते थे, लेकिन गोडावण विचरण क्षेत्र में मानवीय दखल होने के बाद अब यहां गोडावण नजर नहीं आ रहे। जानकार यह भी बताते हैं कि डीएनपी क्षेत्र में बसे कुछड़ी व सलखा गांव की भूमि राजस्व विभाग के अधीन होने से जमीन को अतिक्रमण मुक्त रखने की उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन विभागीय जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते इन गांवों में अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान नहीं चलाए गए। ऐसे में गत तीन सालों में गोडावण के स्वच्छंद विचरण वाले क्षेत्र सिमट रहे हैं।

फैक्ट फाइल

- 38 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है सरहदी जैसलमेर जिला।

- 3161 वर्ग किलोमीटर में फैला है डीएनपी क्षेत्र।

- 40 के करीब गोडावण है सरहदी जैसलमेर जिले में।

- 12 से अधिक वन्यजीव प्रजातियां डीएनपी क्षेत्र में करती है विचारण

यूं सिमट रहे है गोडावण क्षेत्र

-गोडावण आवास स्थलों के समीप बढ़ रही मानवीय दखल

-बढ़ती काश्त से अपने विचरण क्षेत्रों से कर रहे हैं पलायन

-आवास व विचरण के लिए प्रतिकूल माहौल का असर

-कथित तौर पर हो रहे अतिक्रमणों का बढ़ा प्रभाव

राजस्व विभाग को बताई है स्थिति

कुछड़ी व सलखा क्षेत्र गोडावण विचरण क्षेत्र का पसंदीदा स्थान रहा है, लेकिन यहां राजस्व भूमि पर अतिक्रमण होने से ये क्षेत्र गोडावण विचरण के लिए सुरक्षित नहीं रहा। ऐसे में अब गोडावण यहां नहीं दिख रहे। गांव के वन क्षेत्र में आई राजस्व भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने के जिम्मेदार विभाग को पत्र लिखा गया है।

- अनूप केआर, उपवन संरक्षक डीएनपी, जैसलमेर