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मेडिकल कॉलेज में ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों को मिलेगी ट्रांसक्रेनियल डापलर जांच सुविधा, जाने खासियत

मेरठ मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग अब ब्रेन स्ट्रोक सहित दिमाग की अन्य बीमारियों का सटीक इलाज के लिए ट्रांसक्रेनियल डापलर जांच सुविधा मिलेगी। इससे पश्चिम यूपी के करीब 10 जिलों के मरीजों को लाभ होगा।

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मेरठ

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Kamta Tripathi

Oct 04, 2023

meerut medical collage

मेरठ मेडिकल कालेज के न्यूरोलॉजी विभाग में शुरू हुई ट्रांसक्रेनियल डापलर जांच सुविधा

मेरठ मेडिकल कालेज के न्यूरोलॉजी विभाग में अब ट्रांसक्रेनियल डापलर जांच सुविधा मरीजों को मिलेगी। इससे उन मरीजों को काफी राहत मिलेगी जो दिमाग की बीमारी का इलाज कराने में सक्षम नहीं थे। बीमारी का सटीक पता नहीं चल पाने से मरीज का सही समय पर इलाज नहीं हो पाता था और उसकी मौत हो जाती थी। लेकिन अब ट्रांसक्रेनियल डापलर जांच सुविधा मेरठ मेडिकल कालेज में होने से दिमाग के मरीजों को काफी सुविधा मिलेगी। मेडिकल कालेज मीडिया प्रभारी डॉ. वीडी पाण्डेय ने बताया कि ट्रांसक्रानियल डॉपलर(टीसीडी) और ट्रांसक्रानियल कलर डॉपलर(टीसीसीडी) डॉपलर अल्ट्रासोनोग्राफी के प्रकार हैं। जो ट्रांसक्रैनियल रूप से (कपाल के माध्यम से) चलती अल्ट्रासाउंड तरंगों की गूँज को मापकर मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं के माध्यम से रक्त प्रवाह के वेग को मापते हैं।

मेडिकल इमेजिंग के ये तरीके उन्हें प्राप्त होने वाले ध्वनिक संकेतों का वर्णक्रमीय विश्लेषण करते हैं और इसलिए इन्हें सक्रिय एकॉस्टोसेरेब्रोग्राफी के तरीकों के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। ट्रांसक्रेनियल डापलर जांच दिमाग के रोग का निदान करने के लिए जांच के रूप में उपयोग किया जाता है। न्यूरॉलजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. दीपिका सागर ने बताया कि ट्रांसक्रेनियल डापलर जांच दिमाग की रक्त की नलियों की स्टेनोसिस, सबएरकनोइड रक्तस्राव, धमनी फट जाने से होनेवाले रक्तस्राव, ब्रेन स्ट्रोक(आघात), सिकलसेल एनीमिया, रक्त की नलियों में संकुचन, धमनी या शिरा संबंधी विकृतियों और सेरेब्रल परिसंचरण व अन्य समस्याओं की पहचान करने के लिए बहुत ही उपयोगी जांच है। आज कल ये अपेक्षाकृत त्वरित और सस्ते परीक्षण लोकप्रियता में बढ़ रहे हैं।

इस जांच में उपयोग की जाने वाले मशीन पोर्टेबल होती हैं। जिससे आंतरिक रोगी और बाह्य रोगी अध्ययन दोनों संभव हो गया है। ट्रांस क्रेनियल डॉपलर अक्सर एमआरआई , एमआरए , कैरोटिड डुप्लेक्स अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसे अन्य परीक्षणों के साथ संयोजन में उपयोग किए जाते हैं। इस जांच का उपयोग संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान में अनुसंधान के लिए भी किया जाता है।


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प्रधानाचार्य डॉ.आरसी गुप्ता ने बताया कि निजी अस्पताल में यह जांच ढाई से पांच हजार रूपए में होती है। लेकिन मेडिकल कालेज मेरठ में यह जांच मात्र पांच सौ रुपए में उपल्ब्ध है। उन्होंने कहा कि आम लोग न्यूरोलॉजी विभाग मेडिकल कॉलेज मेरठ में उपलब्ध मिर्गी क्लिनिक, सामान्य ओपीडी, ईईजी, ट्रांसक्रेनियल डॉपलर आदि सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।