
सांसद चंद्रशेखर की पूर्व गर्लफ्रेंड डॉ. रोहिणी घावरी ने उन पर कसा तंज। फोटो सोर्स-@DrRohinighavari (X)
Dr. Rohini Ghavri On MP Chandrashekhar: मेरठ के कपसाड़ गांव में मां की हत्या और दलित लड़की के अपहरण के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने मुलाकात नहीं करने दी। शनिवार को चंद्रशेखर गांव की ओर बढ़ते रहे, जबकि पुलिस लगातार उनके पीछे नजर रखे रही, लेकिन वे पुलिस की पकड़ में नहीं आए।
इस दौरान आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने घटनाक्रम के कई वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। साथ ही चंद्रशेखर की सक्रियता और फिटनेस की जमकर सराहना की।
वहीं, वीडियो सामने आने के बाद सांसद चंद्रशेखर की पूर्व गर्लफ्रेंड डॉ. रोहिणी घावरी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए तंज कसा। उन्होंने लिखा, ''आंधी बनकर आया, लेकिन जाटव पीड़ित परिवार से मिल नहीं पाया, फर्जी नेता।''
सांसद चंद्रशेखर की X गर्लफ्रेंड डॉ. रोहिणी घावरी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए तीखा तंज कसा। उन्होंने लिखा कि मेरठ हत्याकांड में राजपूत समाज के नेता संगीत सोम ने पीड़िता का अंतिम संस्कार कराया। समाजवादी नेता अतुल प्रधान ने पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की और BSP पिछले चार दिनों से न्याय की लड़ाई लड़ रही है।
उन्होंने आगे लिखा कि एक तरफ यह लोग जमीन पर काम कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर 'एक नौटंकीबाज' दौड़ते हुए आया, रील्स बनवाईं और परिवार से मिला तक नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरा समाज पीड़िता के साथ खड़ा था, तब वह कश्मीर में था और जैसे ही देखा कि मामला तूल पकड़ रहा है, तो वीडियो बनवाने के लिए भागकर आ गया। उन्होंने लिखा कि वह दिखावे की राजनीति कर रहे है।
दरअसल, सांसद चंद्रशेखर शनिवार (10 जनवरी) को दिल्ली से मेरठ के लिए रवाना हुए। इसकी भनक लगते ही दिल्ली पुलिस उनके पीछे लग गई और रास्ते भर उन्हें मेरठ जाने से रोकने की कोशिश करती रही, लेकिन चंद्रशेखर नहीं रुके। मेरठ पहुंचने के लिए उन्होंने 8 फीट ऊंची दीवार फांदी, डिवाइडर पर दौड़ लगाई और हाईवे पर भागते नजर आए।
आगे जाकर उन्होंने एक अनजान बाइक सवार से लिफ्ट मांगी और अपने सुरक्षा गार्ड के साथ बाइक पर बैठकर निकल पड़े। इसी तरह गाजीपुर बॉर्डर भी पार कर लिया, लेकिन गाजियाबाद के डासना बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया गया।
यहां चंद्रशेखर और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई, जो कई मिनट तक धक्का-मुक्की में बदल गई। गुस्से में चंद्रशेखर कहते दिखे—“हाथ मत लगाना, हाथ हटाइए।” इसके बाद वह पुलिस बल को धकेलते हुए आगे बढ़े और फिर से हाईवे पर दौड़ने लगे।
हाईवे के दूसरी ओर पहुंचकर उन्होंने दोबारा बाइक पकड़ी और ट्रिपलिंग करते हुए करीब 25 किलोमीटर दूर भोजपुर पहुंचे। वहां भी पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। काशी टोल पहुंचने पर पुलिस और चंद्रशेखर के बीच फिर जमकर नोकझोंक हुई, जहां पुलिस द्वारा उन्हें घसीटने तक की नौबत आ गई।
Published on:
12 Jan 2026 01:41 pm
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