
मायावती के इस करीबी पूर्व विधायक ने भाजपा सरकार पर लगाया अपनी हत्या का षडयंत्र रचने का आरोप
मेरठ। दो अप्रैल को एससी-एसटी एक्ट को लेकर दलितों के आन्दोलन के दौरान हुई हिंसा के आरोप में जेल भेजे गए बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को शासन की अनुमति के बाद गुरूवार को लखनऊ भेज दिया गया, लेकिन उसके बाद नाटकीय ढंग से योगेश वर्मा को आधे रास्ते से फिर वापस मेडिकल ले आया गया। वह अब मेडिकल कालेज में आराम कर रहे हैं। उनके लखनऊ पीजीआई रेफर करने से बसपाइयों में कानाफूसी होने लगी थी। बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा पथरी की बीमारी के चलते मेडिकल में भर्ती थे। उधर, योगेश से मिलने पहुंची उनकी पत्नी मेयर सुनीता वर्मा के सामने योगेश ने भाजपा सरकार पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार उनको मारना चाहती है। वहीं योगेश का हाल जानने के लिए दिन में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का भी फोन आया।
दो अप्रैल को उपद्रव का है आरोप
बताते चलें कि आरक्षण कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए फेरबदल के विरोध में बीती दो अप्रैल को पूरे देश में अनुसूचित जाति के लोगों ने आन्दोलन किया था। इस दौरान मेरठ में हुई हिंसा के मामले में मेरठ प्रशासन ने बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा के खिलाफ एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेजा था। बाद में उन पर रासुका पर तामील करा दी गई थी। योगेश को अब तक 12 से अधिक मामलों में जमानत मिल चुकी है।
पहले दिल्ली फिर लखनऊ रेफर, मेरठ बुला लिया
उधर, पिछले कई दिनों से पथरी के दर्द के चलते योगेश वर्मा का मेडिकल में उपचार चल रहा था। गुरूवार को उनकी पत्नी मेयर सुनीता वर्मा भी मेडिकल में योगेश वर्मा से मिलने पहुंची। दरअसल, मेडिकल प्रशासन द्वारा पथरी के आॅपरेशन के लिए योगेश वर्मा को लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में रेफर किया गया था। उनको लखनऊ भेज भी दिया गया। लेकिन उसके बाद देर रात उनको रास्ते से वापस मेरठ मेडिकल कालेज बुला लिया गया। इसको योगेश ने भाजपा सरकार की साजिश बताया है। पत्नी के सामने योगेश ने भाजपा सरकार पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया।
Published on:
14 Sept 2018 10:10 am
बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
