
वेस्ट यूपी में अपनी पकड़ आैर ज्यादा मजबूत करने के लिए मायावती ने खेला ये दांव
मेरठ। आगामी लोक सभा में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन होने के बावजूद मायावती अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए हर दांव खेलने को तैयार हैं। इसी वजह से भाजपा आैर कांग्रेस उनके इन दांवों को नहीं समझ पा रही है। मायावती ने अब वेस्ट यूपी में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए एक आैर दांव खेल दिया है। उन्होंने वेस्ट यूपी के लिए अपने धुरंधर पार्टी नेताआें को जोड़ने का निर्णय लिया है, ताकि पार्टी का कैडर वोट बैंक आैर मुस्लिम बसपा से जुड़ सके।
इसी कड़ी में राज्य सभा सांसद बाबू मुनकाद अली को वेस्ट यूपी में चुनावी तैयारियों के मद्देनजर मजबूती के लिए जोड़ लिया है। विदित है कि बाबू मुनकाद अली के पास राजस्थान प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी है। दरअसल, सांसद मुनकाद अली की वेस्ट यूपी में पार्टी को लेकर अपनी पहचान है। इसलिए उन्हें राजस्थान के अलावा यहां अनुसूचित जाति आैर मुस्लिम समीकरणों को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी बसपा सुप्रीमो मायावती ने सौंपी है। हालांकि बसपा सुप्रीमो ने राजस्थान में उतनी ही नजर रखने के लिए कहा है।
इससे पहले मेरठ व सहारनपुर मंडल में बसपा नेता सुनील चित्तौड़ को जिम्मेदारी से हटाकर आगरा, अलीगढ़ व मुरादाबाद मंडल दिया गया है। सुनील चित्तौड़ सांसद बाबू मुनकाद अली के साथ यहां अनुसूचित जाति व मुस्लिम समीकरणों को मजबूत करेंगे। मेरठ के किठौर क्षेत्र के मूल निवासी राज्य सभा सांसद की मेरठ समेत पूरी वेस्ट यूपी में अपनी पकड़ है। उन्हें हालांकि मेरठ की जिम्मेदारी तो नहीं दी गर्इ है, लेकिन वेस्ट यूपी के अन्य जनपदों में उनकी मौजूदगी बसपा को मजबूत स्थिति में ला सकती है। सूत्रों की मानें तो मायावती की रैली मेरठ में हाे सकती है, इसके लिए कार्यक्रम तय किया जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार हापुड़ रोड पर बसपा सुप्रीमो की रैली के लिए स्थान खोजा जा रहा है।
Published on:
15 Mar 2019 10:48 am
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