
राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के अंतर्गत सितंबर माह में 37 हितग्राहयों को लाभांवित किया गया है
मेरठ. आज से पैसे के लेनदेन के तरीकों के नियम भी बदल गए। अब बैंकों से चेक द्वारा रूपये निकालने के फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से रोक लगेगी। आज एक सितंबर से बैंकों में पॉजिटिव पे सिस्टम यानी पीपीएस लागू हो गया है। पीपीएस के लागू होने के बाद चेक जारी करने से पहले अब बैंक को इसकी जानकारी ग्राहक को देनी होगी। यह भी बताना होगा कि उन्होंने चेक किसके लिए काटा है और यह कितने एमाउंट का है। जब तक ये जानकारी ग्राहक नहीं देगा चेक का क्लीयरेंस नहीं होगा।
चेक जारी करने से पहले बैंकों को देनी होगी इसकी जानकारी
आरबीआई ने पहले ही पीपीएस की घोषणा की थी। जिसके बाद से बैंकों ने इस मामले में अपनी ऑफिशियली कार्रवाई शुरू कर दी थी। कई बैंकों ने अपने ग्राहकों को मैसेज भेजकर इसकी जानकारी पहले ही दे दी थी। इसमें बैंक ग्राहक की सुविधा और इच्छा के अनुसार 50 हजार और उससे अधिक के चेक भुगतान पर पीपीएस की सुविधा शुरू कर सकते हैं। इस सुविधा के लागू होने के बाद ग्राहक को बैंक का चेक काटने से पहले इसकी जानकारी देनी होगी।
प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने किया अनिवार्य
बैंकों से हो रहे धोखाधड़ी को देखते हुए यह व्यवस्था की है। वहीं प्राइवेट सेक्टर के बैंक एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक ने पीपीएस को अनिवार्य कर दिया है। एसबीआई ने भी ये व्यवस्था को अनिवार्य बना दिया है। लीड बैंक मैनेजर संजीव कुमार ने बताया कि एसबीआई की ओर से यह व्यवस्था बैंकिंग फ्राड को रोकने के लिए की जा रही है। चेक से होने वाली गड़बड़ी को इससे पूरी तरह से रोका जा सकेगा। उन्होंने बताया कि ग्राहक से पुष्टि करने के बाद अगर बैंक भुगतान करते हैं तो चेक से फर्जीवाड़ा नहीं होगा।
BY: KP Tripathi
Published on:
1 Sep 2021, 8:10 AM IST
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