मेरठ। अब अपने मेरठ में भी सिटी फाॅरेस्ट का सपना होगा पूरा। निगम अपने शहर पर मेहरबान हो गया है। इसके लिए शासन ने भी स्वीकृति दे दी है। नगर निगम की अवस्थापना विकास निधि व 14वें वित्त आयोग की बैठक में कमिश्नर डा. प्रभात कुमार ने जागृति विहार में आबू नाले के किनारे सिटी फॉरेस्ट बनाने, रोहटा रोड नाले से खड़ौली नाले को बनाने, घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था करने, नाला सफाई का रोस्टर बनाने, मंगलपुरम कूड़ाघर का निस्तारण कर वहां सिटी फॉरेस्ट बनाने सहित कई प्रस्तावों पर अपनी सहमति दी। उन्होंने ट्यूबवेल को अब तक रिबोर न कराने पर सम्बंधित का स्पष्टीकरण तलब करने व गांवड़ी कूड़ाघर का उपयोग कर वहां के कूड़े का निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अवस्थापना निधि के 18 कार्यों में से 14 कार्यों पर व 14वें वित्त आयोग के नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के सभी 15 कार्यों, उपकरण खरीदने, जलापूर्ति के सात कार्यों व निर्माण व अन्य के 35 कार्यों पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुए। कमिश्नर ने बताया कि आरआरटीएस के लिए एमडीए 10 करोड़ रुपये व गाजियाबाद विकास प्राधिकरण 40 करोड़ रुपये देगा।