
मेरठ। गुरुवार को अचानक मौसम का मिजाज बदलने से आकाश में बादल छा गए और हल्की बारिश होने से जहां वायु प्रदूषण में कुछ कमी आई वहीं ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। ठंड बढऩे से कुछ लोग स्वेटर पहने नजर आए। स्कूल से लौटते वक्त बच्चों को ठंड से परेशानी हुई। मेरठ के अलावा आसपास के इलाकों में भी हल्की बारिश हुई है। हालांकि बारिश के मौसम वैज्ञानिकों ने पहले ही अनुमान जता दिया था। मौसम विभाग ने इस बारिश को प्री-मॉनसून करार दिया है। वहीं कुछ मौसम वैज्ञानिक इसे कनवेक्टिव बादल के कारण हुई बारिश बताया है।प्रदूषण की मार से परेशान हो रहे लाखों लोगों उस वक्त काफी राहत की सांस ली। जब अचानक से बारिश शुरू हो गई। एक दो स्थानों पर शुरू हुई।
बारिश से किसानों को राहत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार गेहूं की फसल के लिए सोना बरस रहा है। अभी तक सर्दी में बारिश न होने से किसानों के चेहरे मुरझाए हुए थे। इस बार गेहूं की बुवाई पिछले सीजन के मुकाबले करीब 6 प्रतिशत अधिक की गई है। ऐसे में फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए सिंचाई की जरूरत थी। अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक चल रहा था, जिसे गेहूं की फसल के लिए अनुकूल नहीं माना जा रहा था। बारिश होने से किसान खुश हो गए। सरदार पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि के प्रोफेसर डॉ. आरएस सेंगर के अनुसार इस समय गेहूं की फसल के लिए बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। तापमान में गिरावट आने से पौधे की बढ़वार अधिक होगी। उन्होंने बताया कि इस बारिश के चलते लोगों को प्रदूषण से भी राहत मिलने के आसार हैं।
पांच दिन में अनुमानित तापमान
तारीख- अधिकतम- न्यूनतम तापमान
7 नवंबर- 25-18 डिग्री सेल्सियस
8 नवंबर- 26-17 डिग्री सेल्सियस
9 नवंबर- 28-15 डिग्री सेल्सियस
10 नवंबर- 28-13 डिग्री सेल्सियस
11 नवंबर- 28-12 डिग्री सेल्सियस
Published on:
07 Nov 2019 04:55 pm
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