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मेरठ. तहसील सदर में प्राईवेट कर्मचारियों द्वारा महत्वपूर्ण पटलों पर कार्य किये जाने व अन्य तहसील कर्मियों की लगातार मिल रही शिकायतों के चलते मेरठ मंडल के कमिश्नर डा. प्रभात कुमार ने गुरुवार को तहसील सदर में छापा डालकर नायब नाजिर रण सिंह तथा तहसीलदार व अपर तहसीलदार कोर्ट में कार्य कर रहे 5 प्राईवेट कर्मचारियों को गिरफ्ताकर करवाकर उन्हे जेल भिजवा दिया।
वहीं तहसील के नायब नाजिर व 5 प्राईवेट कर्मचारियों को आयुक्त द्वारा पकड़वाये जाने की सूचना मिलते कलक्ट्रेट कर्मचारी एकत्र हो गये। तथा उन्होंने इस कार्रवाई के संबंध में आयुक्त से मुलाकात करते हुए हिरासत में लिए कर्मचारियों को छोड़े जाने की मांग उठाई। किंतु आयुक्त द्वारा कर्मचारी नेताओं से साफ कह दिया गया कि भ्रष्टचारियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। आयुक्त ने यह भी कहा कि जनता की समस्याओं को अनदेखा करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा।
मामला गुरुवार सुबह का है। जब आयुक्त डा. प्रभात कुमार अपने साथ एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश पटेल को लेकर अचानक तहसील सदर पहुंच गये। आयुक्त ने तहसील पहुंचते ही वहां का मुख्य द्वार बंद करवा दिया तथा वहां से सीधे तहसीलदार कोर्ट में पहुंचे। जहां पर काम कर रहा प्राईवेट कर्मचारी मुकेश को पकड़कर पुलिस को सौंपा। आयुक्त ने अपर तहसीलदार कोर्ट में कार्यरत पेशकार तथा नायब नाजिर का काम देख रहे रण सिहं **** को भी पकड़ लिया। आयुक्त ने कडे़ शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार किसी कीमत पर सहा नहीं किया जाएगा।
उन्होंने तहसील में कार्य कर रहे 5 प्राईवेट कर्मचारी मुकेश, संजय, आशू, नितिन व रिजवान को पकड़वा लिया तथा उन सभी के अपने कार्यालय में बयान दर्ज करवाये। तहसील में आयुक्त द्वारा की गई कार्रवाई से एकदम हडकंप मच गया तथा आनन फानन तहसील व कलक्ट्रेट कर्मचारी कमिश्नरी में एकत्र हो गये तथा उन्होंने आयुक्त से मुलाकात करते हुए पकड़ गये कर्मचारियों को माफी देने की बात कही। जिसे आयुक्त ने साफ नकार दिया।
Published on:
04 Aug 2017 02:37 pm
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