शिकायतों पर सही काम नहीं किया तो डीएम ने अपने अफसरों का किया यह हाल

sanjay sharma

Publish: Mar, 14 2018 07:14:49 PM (IST)

Meerut, Uttar Pradesh, India
शिकायतों पर सही काम नहीं किया तो डीएम ने अपने अफसरों का किया यह हाल

आईजीआरएस के निस्तारित प्रकरणों की गुणवत्ता समीक्षा बैठक में लिया निर्णय

मेरठ। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा कर्मचारियों द्वारा की जा रही लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। अपनी समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और अधीनस्थों को कड़ी चेतावनी दे डाली। उन्होंने बैठक में अनुपस्थित पांच अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दे दिए। जिलाधिकारी ने नगर निगम, समाज कल्याण, डूडा, कृषि, पंचायत राज विभाग, आपूर्ति विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े शब्दों में कहा कि वह शिकायतों के निस्तारण किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि का अवश्य ध्यान रखें। उन्होंने बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत ग्रामीण, प्राचार्य मैडिकल कालेज, एआरएम रोडवेज, जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुपस्थित रहने पर उनका स्पष्टीकरण तलब कर वेतन रोकने के निर्देश दिए।

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आईजीआरएस के गुणवत्ता की समीक्षा

जिलाधिकारी बचत भवन सभागार में आयोजित बैठक में आईजीआरएस सन्दर्भों की गुणवत्ता की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आईजीआरएस शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है इसलिए अधिकारी इसको हल्के में न लें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हर शिकायत की शिकायतकर्ता से फीड बैक ले रहे हैं, इसलिए अधिकारी अपने कागजी कार्रवाई के ढर्रे को छोड़ दें। उन्होंने कहा कि अधिकारी शिकायतों के निस्तारण के समय निस्तारण आख्या को पूर्ण व स्पष्ट लिखें तथा जो शिकायत उनके विभाग से सम्बंधित नहीं है, तो सम्बंधित विभाग को समय से मार्क करें ओर उन्हें सूचित भी करें ताकि शिकायत का समय से गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण किया जा सके। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि जो विभाग अपने निस्तारण में अपूर्ण सूचना देगा, वह स्वयं ही दंड का जिम्मेदार होगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं के लाभ के वितरण से सम्बंधित शिकायतों के निस्तारण में अपात्र होने का कारण भी स्पष्ट अंकित करें और शिकायतकर्ता को अवगत कराए कि किन कारणों से वह अपात्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं में पैसा न होने के कारण बाद में लाभ प्रदान किया जाएगा, किन्तु वह शिकायतकर्ता पात्र श्रेणी है तो ऐसे पात्रों का कार्यालय में रजिस्टर तैयार करें और निस्तारण में लाभ दिए जाने का समय भी अंकित कर उनको मौखिक रूप से भी अवगत कराएं।

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