
मेरठ। देश और प्रदेश में अपने बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस को सोनिया गांधी के रूप में नया अध्यक्ष तो मिल गया, लेकिन कांग्रेसियों में कहीं चुस्ती दिखाई नहीं दे रही। हताश और निराश कांग्रेसियों को अब दरकिनार करने के लिए संगठन में सुगबुगाहट चल रही है।
जनाधार के लिए नए सिरे से तैयारी
2019 लोकसभा चुनाव में बुरी तरह से पराजित हुई कांग्रेस अब लोगों के बीच नए सिरे से अपना जनाधार बढ़ाने की दिशा में काम करने का खाका तैयार कर रही है। कांग्रेस के सुस्त और लापरवाह नेताओं पर नई पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी का चाबुक चल सकता है। जिला स्तर पर भी इस बारे में साफ संदेश दे दिया गया है कि जो नेता सुस्त दिखें उसे संगठन या फिर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए।
पहली बैठक में बदलाव के संकेत
सोनिया गांधी ने अपनी पहली बैठक में ही बदलाव के संकेत देते हुए संगठन में निचले स्तर, जिला और ब्लॉक स्तर बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। इसके साथ ही पार्टी अब अपने जिला और ब्लाक स्तर के पदाधिकारियों पर भरोसा जताने के साथ ही उन्हें निर्णय लेने के अधिकार देने की भी पहल करेगी। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अभिमन्यु त्यागी ने बताया कि सोनिया गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से प्रदेश और जिला स्तर पर पदाधिकारियों के बदलने की बात कही जा रही है। इस बदलाव का निश्चित रूप से कांग्रेस को लाभ मिलेगा।
लालच के लिए पद पर बने हुए
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा कि कुछ लोग पार्टी में सिर्फ पद के लालच में बने हुए हैं जबकि जमीनी स्तर पर उन्होंने कहीं काम नहीं किया है। ऐसे लापरवाह पदाधिकारियों की सूची तैयार कर उनकेे स्थान पर तेजतर्रार कार्यकर्ताओं को आगे लाया जाएगा। ऐसे कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण पद से नवाजा जाएगा। जिससे पार्टी तेजी पकड़ सके। जिला स्तर पर इस बारे में साफ संदेश दे दिया गया है कि जो नेता सुस्त दिखें उसे संगठन या फिर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए। अभिमन्यु त्यागी के अनुसार आज भले ही कांग्रेस सत्ता में नहीं है लेकिन देश में इससे मजबूत संगठन और कोई दूसरा नहीं है। इसी सोच को आगे बढाते हुए कांग्रेस में बदलाव करने की दिशा में जल्द ही कई कदम उठाए जाएंगे।
Published on:
17 Aug 2019 02:36 pm
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