
मेरठ। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की एसपीजी सुरक्षा हटाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जनपद में धारा 144 लागू होने के बावजूद कांग्रेसियों ने प्रदर्शन कर अमित शाह और सरकार विरोधी नारे लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। बता दें कि इन तीनों की एसपीजी सुरक्षा को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद पूरे गांधी परिवार को एसपीजी सुरक्षा देने का फैसला किया गया था।
गृह मंत्रालय की सुरक्षा समीक्षा कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णय के मुताबिक अब गांधी परिवार को जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इसके तहत या तो सीआरपीएफ या फिर एनएसजी के कमांडो उनकी सुरक्षा में तैनात होंगे। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों ने ने घरेलू गैस सिलेंडर की मूल्य वृद्धि के साथ आर्थिक मंदी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का पुतला जलाने का भी प्रयास किया। पुतला छीनने के दौरान पुलिस और कांग्रेसियों में काफी देर तक झड़प हुई। पुलिस के साथ पुतला जलाने को लेकर हुई छीना-झपटी में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवा कांग्रेस के ओमवीर यादव ने कहा कि हम तानाशाही सरकार से पूछते हैं कि एसपीजी की सुरक्षा क्यों हटाई गई। इतिहास दोहराया जा रहा है। देश में विपक्ष को खत्म करने की साजिश की जा रही है। हम इस सरकार से पूछना चाहते हैं कि क्या अब इनके पास यही रह गया है।
अयोध्या मामले के फैसले के चलते मेरठ में अभी भी धारा 144 लागू है। धरना, प्रदर्शन, जुलूस, सभा करने पर प्रतिबंध है। पांच से ज्यादा लोग एक साथ इकट्ठे नहीं हो सकते, इसके बावजूद कांग्रेसी प्रदर्शन करने कमिश्नरी पहुंच गए। वे पीएम और गृह मंत्री का पुतला जलाकर विरोध जताना चाह रहे थे, लेकिन पुलिस ने पुतला नहीं जलने दिया और पुलिस पुतला छीनकर ले गई। इससे कांग्रेसियों और पुलिस के बीच काफी देर तक झड़प होती रही।
Published on:
17 Nov 2019 01:15 pm
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