
अपनी शिकायत करते अभिभआवक
Crime : उत्तर प्रदेश के तीन बड़े शहरों में इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में एक नामी इंस्टीट्यूट ने अपने कोचिंग सेंटर बंद कर दिए हैं। FITT-JEE संस्थान के इस कदम से हजारों छात्र-छात्राओं के सामने संकट खड़ा हो गया है। छात्र-छात्राओं से अधिक परेशानी अभिभावकों को हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि संस्थान ने चार साल की फीस पहले ही ले रखी है।
गुस्साए अभिभावकों का कहना है कि संस्थान ने उनसे अगले चार साल के सेमेस्टर की फीस पहले ही जमा करवा रखी है। उन्हे उम्मीद नहीं थी इस तरह से उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा संस्थान में जमा होने के बाद संस्थान अपने सेंटर बंद कर देगा। अभिभावकों ने कहा कि एक ओर तो बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है और दूसरी ओर जो पैसा जमा कराया है उसकी भरपाई करने की चिंता लगी हुई है। इस तरह अब उन्हें दोहरी मार पड़ गई है। उनके बच्चों का पढ़ाई रुक गई है और जो पैसा इधर-उधर से जुटाया था उसे भी चुकाना है। ऐसे में समझ नहीं पा रहे हैं कि अब बच्चों को कहां पर एडमिशन दिलवाएं और उनकी पढ़ाई को कैसे पूरा करवाएं।
मेरठ ( Meerut ) में एसएसपी से मिले अभिभावकों ने संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि अचानक अलग-अलग शहरों में जिस तरह से संंस्थान ने अपने कोचिंग सेंटर ( Coaching Center ) बंद कर दिए हैं ऐसे में उन्हे अब किसी भी संस्थान पर भरोसा नहीं रहा। बताया कि पांच दिन पहले संस्थान के कुछ टीचर्स ने अपना इस्तीफा दे दिया था। वह सब दूसरे संस्थानों में चले गए हैं और अब वह लोग कह रहे हैं कि अपने बच्चों का एडमिशन आप दूसरे संस्थान में कर लीजिए। ऐसे में उनका पैसा फंस गया है। अगर वह दूसरे संस्थानों में अपने बच्चों का एडमिशन कराएंगे तो उनका जो पैसा गया है वो कैसे मिलेगा अभिभावकों ने सीधे आरोप लगाए कि अकेले मेरठ के कोचिंग सेंटर के जरिए संस्थान करोड़ों रुपए लेकर भाग गया है। बताया कि छह लाख रुपए के हिसाब से करोड़ो रुपया बनता है। प्रत्येक बच्चे से छह-छह लाख रुपये जमा करवाए हुए हैं और करीब 400 बच्चे अकेले मेरठ में ही पढ़ रहे थे।
एसएसपी डॉक्टर विपिन ताड़ा से की अपनी शिकायत में अभिभावकों ने अपना पैसा वापस दिलाए जाने और कड़ी कार्रवाई कराए जाने की मांग की है। एसएसपी ने सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिविल लाइन को पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि अगर संस्थान इस तरह से बीच में बंद हो जाता है तो उनके पैसे वापस दिलवाए जाएंगे। गाजियाबाद में भी अभिभावकों ने अपनी शिकायत पुलिस से की थी। जब गाजियाबाद ( Ghazibad ) वाले कोचिंग सेंटर की जांच कराई गई तो पता चला कि कोचिंग सेंटर का जिला विद्यालय निरीक्षक के यहां रजिस्ट्रेशन ही नहीं है। ऐसे में उनके प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। कवि नगर थाने में यह एफआईआर दर्ज हुई है। इसी तरह से नोएडा में भी कोचिंग सेंटर के ग्रुप पर टीचर ने अभिभावकों को मैसेज भेजे कि उन्होंने कोचिंग सेंटर छोड़ दिया है और दूसरे संस्थान में चले गए हैं। नोएडा ( Noida ) के डीसीपी रामबदन सिंह ने मीडिया कर्मियों को बताया कि अभिभावकों की शिकायत पर FIR दर्ज कराई गई है।
Updated on:
24 Jan 2025 05:47 pm
Published on:
24 Jan 2025 05:45 pm
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