Delhi-Meerut Expressway सितंबर की बरसात ने 8346 करोड़ की लागत से बने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की पोल खोलकर रख दी है। हाल ये है कि मेरठ से लेकर गाजियाबाद तक दर्जनों स्थानों से सड़क कहीं उखड़ गई तो कहीं पर धंस गई है। एक्सप्रेस- वे में पानी निकासी के लिए बनाई नालियां मिट्टी दरकने से बह गई हैं। अब अधिकारी एक्सप्रेस वे को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। इस एक्सप्रेस वे पर चलना वाहन चालकों के लिए खतरे से खाली नहीं है।
Delhi-Meerut Expressway दिल्ली से मेरठ का सफर आसान करने के लिए 2021 में अप्रैल महीने में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे शुरू किया गया था। जिसके बाद दिल्ली तक की दूरी मात्र 45 मिनट में पूरी हो रही थी। लेकिन एक्सप्रेस शुरू होने के बाद से बरसात में सड़क किनारे की मिट्टी कई जगह से धंस गई है। कई स्थानों पर सडक़ पर दरार आ गईं है। हफ्ते भर की बरसात के बाद ऐसा ही हुआ। काशी टोल प्लाजा के आसपास बहादरपुर अंडरपास कई जगहों पर किनारे की नालियां बह गईं। मिट्टी बह जाने कई जगह सडक़ धंस गई।
टोल प्लाजा से कुछ दूरी पर पर भी सड़क पूरी तरह से बैठ गई है। काशी टोल प्लाजा के पास दो जगह पर सड़क लेन काफी दूर तक क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं भोजपुर टोल प्लाजा के पास कई जगहों पर एक्सप्रेस वे पर सड़क धंसी हुई है। कलछीना गांव के पास दो जगहों पर मिट्टी धंस गई है। एक्सप्रेस में धंसी हुई सड़क और नालियों को हाइड्रा मशीन लगाकर दुरुस्त किया जा रहा है। जेसीबी से धंसी हुई मिट्टी को भरने का काम किया जा रहा है। दुहाई कट के पास एक स्थान पर सड़क बुरी तरह से धंसी हुई है।
एक्सप्रेस वे पर धंसीं हुई सड़कों को साफ तौर पर देखा जा सकता है। इन स्थानों को बैरीकेड्स कर दिया गया है। जिससे कि कोई हादसा नहीं हो। दुहाई के ऊपर निकल रहे एक्सप्रेस-वे के फ्लाईओवर के पास ही दो तीन जगह से सड़क बरसात में टूट गई है। एनएचएआई परियोजना निदेशक खंड चार पुनीत खन्ना ने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर बारिश के चलते कुछ स्थानों पर मिट्टी धंसने की शिकायतें मिली हैं। देखरेख करने वाली कंपनी जीआर इन्फ्रा के कर्मचारी मशीनों के साथ मरम्मत कार्य कर रहे हैं। सीमेंटेड नालियों को ठीक करने का काम शुरू किया गया है।