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यूपी में क्राइम पर लगाम लगाने के लिए पुलिस के मुखिया ने इन जातियों पर शिकंजा कसने के दिए आदेश

ठंड के मौसम में शहरों और कस्बों में बड़ जाती है अपराधिक घटनाएं
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मेरठ

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 20 Nov 2018, 5:28 PM IST

op Singh

यूपी में क्राइम पर लगाम लगाने के लिए पुलिस के मुखिया ने इन जातियों पर शिकंजा कसने के दिए आदेश

मेरठ. ठंड बढ़ने के साथ ही सूबे में रात के समय घुमंतू टाइप की कुछ जातियां अपराध में सक्रिय हो जाती है। इससे अपराध में वृद्धि हो जाती है। इस बार पुलिस ने पहले ही ऐसे लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके लिए डीजीपी ने सूबे के सभी पुलिस कप्तानों को निर्देश जारी किए हैं कि बढ़ती ठंड के साथ घुमंतू गिरोहों पर नजर रखी जाए। इनको सक्रिय होने से रोका जाए और इनपर लगाम लगाई जाए। मेरठ परिक्षेत्र के डीआईजी रामकुमार ने सभी कप्तानों को ये आदेश जारी किए हैं। साथ ही रात के वक्त गश्त तेज करने के भी आदेश दिए हैं।

गौरतलब है कि डीजीपी ओपी सिंह प्रदेश में बढ़ रही आपराधिक वारदातों से खासे नाराज है। उनसे इस बाबत खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नाराजगी जताई थी। अपराधिक वारदातें की अधिकांश ठंड के मौसम में अधिक होती है। इसलिए उन्होंने अपराध पर रोकथाम के लिए ठंड के मौसम में घुमंतु, कच्छा बनियानधारी गिरोहों व अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने के निर्देश कप्तानों को दिये हैं। रेंज व जोन के आलाधिकारियों से इसका नियमित पर्यवेक्षण करने को भी कहा गया है।


डीजीपी ओपी सिंह ने प्रदेश के पुलिस कप्तानों तथा पर्यवेक्षण अधिकारियों को ठंड के मौसम में घुमंतु गिरोह द्वारा डकैती, हत्या तथा गैंगरेप की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने अपने निर्देश में कहा है कि ठंड के दिनों में पेशेवर घुमंतु व कच्छा बनियानधारी अपराधियों द्वारा शहरों तथा कस्बों के बाहरी इलाकों में डकैती, हत्या तथा गैंग रेप जैसी जघन्य घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। उन्हें रोकने के लिये रात्रिकालीन गश्त को अधिक सृदृढ़ किया जाए।


पुलिस कप्तानों को कहा गया है कि वे अपने जिलों में रात 12.00 बजे से सुबह 05.00 बजे तक प्रभावी गश्त को सुनिश्चित करें। यह भी कहा कि शहरों व कस्बों के बाहरी इलाकों व रेलवे लाइन तथा सड़कों के आस-पास, नदी-नालों के किनारे अस्थाई आवास बनाकर अनाधिकृत रूप से रहने वाले डेरों की चेकिंग नियमित रूप से करें। सुनसान इलाकों में खड़े लावारिश वाहनों की चेकिंग की जाये, जिनका इस्तेमाल घुमक्कड़ अपराधियों द्वारा घटनाओं को अंजाम देने के बाद भागने के लिए किया जा सकता है। जिले के अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे अपने-अपने जनपदों में पूर्व में घटित घटनाओं के आधार पर सुदृढ़ सुरक्षा-व्यवस्था सुनिश्चित करायें तथा पूर्व में गिरफ्तार किये गये अपराधियों की तस्दीक कर उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई करें।

बोले अधिकारी
इस बारे में डीआईजी रामकुमार ने बताया कि उन्होंने सभी कप्तानों को ऐसे लोगों को चिन्हित करने के आदेश दे दिए हैं।

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