
खेकड़ा के दूषित पानी से गाजियाबाद के गांवों में फैल रही बीमारी, ग्रामीणों ने किया यह ऐलान
बागपत। मंडोला गांव में गंदा पानी आने के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों की पंचायत आयोजित की गई। ग्रामीणों ने कहा कि खेकड़ा की फैक्ट्रियों से बसई के नाले में आने वाले जहरीले पानी को उसके सीमा क्षेत्र में रोका जाएगा, क्योंकि इससे उनके क्षेत्र में बीमारी फैलनी शुरू हो गयी है। सभी ग्रामीण बसई नाले में ट्रैक्टरों से मिट्टी का भराव कर देंगे और यदि किसी ने रूकावट पैदा की तो उनके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
बसई के नाले से नगर व फैक्ट्रियों से निकलने वाला पानी लुत्फुल्लापुर नवादा में एकत्रित होता है। जिसके कारण वहां के ग्रामीणों में अनेक घातक बीमारियां उतपन्न हो रही हैं। जिसके विरोध में लुत्फुल्लापुर नवादा सहित आसपास के ग्रामीणों की एक पंचायत का आयोजन मंडोला में किया गया। पंचायत में वहां के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों भी नगर व फैक्ट्रियों से निकलने वाले पानी से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बागपत क्षेत्र से आने वाले गन्दे पानी के कारण नवादा व आसपास के गांवों में भयंकर बीमारियां उतपन्न हो रही है। गंदे पानी के कारण कैंसर, चर्म रोग, बांझपन, दमा, टीबी के रोगों से ग्रसित हो रहे हैं। कई वर्ष पूर्व एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया था। जिसका उपयोग आज तक नहीं किया गया है।
ग्रामीणों ने सरकार से कई बार उक्त नाले को रोकने के लिए सरकार से गुहार लगाई, लेकिन उसे आज तक रोका नहीं गया। पंचायत में ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि रविवार को ग्रामीण ट्रैक्टर ट्राली में मिट्टी भरकर बागपत सीमा पर नाले को रोकेंगे। बागपत से आने वाले गन्दे पानी को किसी भी कीमत पर गाजियाबाद सीमा में नहीं आने दिया जायेगा। उपजिलाधिकारी अरविंद कुमार द्विवेदी का कहना है कि उन्हें इस विषय में कोई जानकारी नहीं है यदि ऐसा है तो वे गाजियाबाद प्रशासन से बात कर इसका निस्तारण करेंगे।
Published on:
14 Oct 2018, 2:40 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.