
बाइक बोट घोटाले में ताबड़तोड़ छापेमारी, 2.25 लाख निवेशकों से हुई तीन से चार हजार करोड़ रुपये की ठगी
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ ( meerut news ) बाइक बोट कंपनी का सीईओ ( CEO) हाथरस निवासी विजय शर्मा मेरठ ईओडब्लू के हत्थे चढ गया है। विजय शर्मा पर 3500 करोड़ रुपये के बाइक बोट घोटाले का आरोप है। विजय ने बाइक बोट कंपनी के करीब 77 करोड़ रुपये अपनी ग्रेटर नोएडा की कंस्ट्रक्शन कंपनियों में खपा दिए थे।
ईओडब्लू एएसपी डॉक्टर रामसुरेश यादव ने बताया कि विजय शर्मा हाथरस में मोहल्ला चंद्रपुरी का रहने वाला है। फिलहाल नोएडा सेक्टर-100 स्थित बी-45 मकान में रह रहा था। इसी मकान से उसकी गिरफ्तारी हुई है।
विजय ने वर्ष-2003 में नोबेल कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना की थी। चार जिलों में इसकी आठ ब्रांच खोलीं। चार ब्रांच सिर्फ नोएडा में हैं। विजय का एक बेटा गोविंद भारद्वाज बैंक का लीगल एडवाइजर व उनका पर्सनल सेक्रेटरी है। दूसरा बेटा राघव भारद्वाज बैंक का डिप्टी सीईओ है। वर्ष-2018 में बाइक बोट कंपनी मालिक संजय भाटी व बिजेंद्र सिंह हुड्डा ने केवाईसी की शर्तों को पूरा किए बिना इस बैंक में खाते खुलवाए।
जीआईपीएल कंपनी में निवेशकों का जो 70 करोड़ रुपये आया। उसे विजय शर्मा ने साठगांठ करके अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी व्हाइट हाउस ग्रेटर नोएडा में खपा दिया। अन्य खातों से भी साढ़े सात करोड़ रुपये इस कंपनी में लगाए गए। बाइक बोट से जुड़े 57 मुकदमों की जांच मेरठ ईओडब्लू कर रही है। अब इसी मामले में EOW ने विजय काे हिरासत में लिया है। इससे पूछताछ की जा रही है।
Updated on:
20 Nov 2020 08:06 am
Published on:
20 Nov 2020 07:55 am

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