
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ। कृषि विधेयक वापसी को लेकर चल रहे किसानों के आंदोलन ने उग्र रूप धारण कर लिया है। किसानों ने शनिवार सुबह उग्र प्रदर्शन करते हुए वेस्ट यूपी के सभी जिलों में बने टोल प्लाजाओं को अपने कब्जे में लेकर उनको फ्री कर दिया। किसानों के तेवर देखकर टोल कर्मचारी और सुरक्षा कर्मचारी वहां से भाग खडे़ हुए। मेरठ में भी सिवाया टोल प्लाजा पर किसानों ने कब्जा कर लिया। मेरठ के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, गाजियाबाद और नोएडा में बने टोल प्लाजाओं पर किसानों ने कब्जा कर धरना शुरू कर दिया।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने मेरठ और आसपास के जिलों के टोल प्लाजा को फ्री करकर धरना शुरू का दिया। बागपत में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर मवीकलां में हंगामा कर टोल पर कब्जा जमा लिया है। सहारनपुर में किसान टोल फ्री कराने की तैयारियों में लगे हुए हैं। वहीं मुजफ्फरनगर में रोहना टोल प्लाजा पर पुलिस फोर्स के तैनाती के बीच टोल प्लाजा को किसानों ने कब्जे में ले लिया और वहां पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी तरह से शामली में भी भाकियू और राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने टोल पर कब्जा कर लिया है।
मेरठ सिवाया टोल पर किसानों ने भाकियू के झंडे लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी है। टोल पर कब्जा जमाए बैठे किसानों ने चेतावनी दी है कि केंद्र सरकार को तीनों नए कृषि कानून रद्द करने होंगे। नए कृषि कानून रद करने के अलावा किसानों के कर्ज माफ करने, बिजली मूल्य घटाने और बकाया गन्ना भुगतान कराने की आवाज भी उठाई। वहीं सहारनपुर में भी पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत टोल प्लाजा फ्री कराने के लिए भारतीय किसान यूनियन से जुड़े टोल प्लाजा पर पहुंचे। किसानों ने चमारी खेड़ा टोल प्लाजा और नेशनल हाईवे पर टोल फ्री कराते हुए धरना देना शुरू कर दिया है।
Published on:
12 Dec 2020 01:59 pm
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